सिंधी साहित्य अकादमी ने आयोजित किया सांस्कृतिक कार्यक्रम ,सिंधी सेंट्रल पंचायत एवं भगवंती नावानी संगीत कला शिक्षण संस्थान के सहयोग से संपन्न हुआ आयोजन

बुरहानपुर :- सिंधी साहित्य अकादमी मप्र संस्कृति परिषद द्वारा सिंधी सेंट्रल पंचायत एवं भगवंती नावानी संगीत कला शिक्षण संस्थान के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया खैरथल राजस्थान से पधारे भजन गायक दीपक कुमार एवं सहयोगी कलाकारों द्वारा सिंधी भजनो की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में विधायक अर्चना चिटनिस अशोक रोहाणी, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, महापौर माधुरी अतुल पटेल, टैक्समो के एमडी उद्योगपति संजय अग्रवाल शामिल हुए गायको द्वारा आंधीय में जोत जगाएण वारा सिंधी ऐं खाक खे सोन बणाएण वारा सिंधी, दिल तुहिंजी मुहिंजी हिक आ, डाडी असां बिन्ही में सिक आ", "किंह नचंदो हुए, कंवर ट्रपंदो हुए, मुहिंखे याद पवन तुहिंज्यूँ गाल्यू" सहित कई प्रसिद्ध सिंधी गीत, भजन, कलाम की प्रस्तुति दी गई। सिंधी लोकगीतों पर समाजजन एवं युवावर्ग ने नृत्य भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री एवं विधायक अर्चना चिटनीस दीदी ने कहा कि सिंध और सिंधी ऐसी संस्‍कृति जो साधना के दम पर दहशतगर्द मिर्खशाह बादशाह के अन्‍याय को मिटाने में सफल हुए भगवान झूलेलाल का अवतार ही धर्मानंतरण हेतु समाज पर दबाव बनाने वाले राजा मिर्ख की कुनीति से मुक्ति का मार्ग प्रशस्‍त करने वाला रहा ऐसी सिंधु संस्‍कृति पर जब-जब कोई आपदा विपदा आई तब तब सिंधी समाज ने पुरूषार्थ को ही साधन और साधना को ही शस्‍त्र बनाकर अपना मुकाम हासिल किया है आज सिंधी समाज बुरहानपुर में किशोर और युवाओ के मार्गदर्शन हेतु आयोजित कॅरियर कॉउन्‍सलिंग में पधारे आई.पी.एस. अमित तोलानी ने अपने जन्‍मभूमि और शिक्षा स्‍थली में आकर जो दायित्‍व निभाया है ऐेसा समाज और नगर के प्रति कर्तव्‍य निर्वहन करके हम अपनी भावी पीढी का उज्‍जवल भविष्‍य निर्माण कर सकते है।

साहित्यकार भगवान बाबाणी ने लोकगीत पर व्याख्यान देते हुए श्रोताओं से प्रश्नोत्तर कर पुरस्कार वितरित किए कार्यक्रम को सफ़ल बनाने हेतु समस्त सिंधी समाजजनो एवं सहयोगी संथाओं का आभार व्यक्त करते हुए धीरज नावानी ने कहा कि अत्यल्प सूचना पर देश-विदेश से पधारे भाई बहनों का बुरहानपुर सिंधी समाज आभारी हैं जिन्होंने आयोजन मे उपस्थित होकर वाईब्रेंट सिंध 2025" को सफल बनाने में सहयोग दिया, नगर के सिंधी युवाओं ने व्यवस्थाओं को सम्हाल कर सफलता को चार चांद लगाए।

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