बुरहानपुर :- संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में सोमवार को कलेक्टर भव्या मित्तल की अध्यक्षता में भारतीय तम्बाकू नियंत्रण कानून कोटपा एक्ट-2003 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय तम्बाकू नियंत्रण समिति की बैठक संपन्न हुई बैठक में म.प्र.वॉलन्ट्री हेल्थ एसोसिएशन इन्दौर के कार्यकारी निदेशक मुकेश सिन्हा ने कोटपा अधिनियम 2003 की विभिन्न धाराओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा एक्ट-2003) का पूर्ण अनुपालन, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंध, हुक्का बार प्रतिबंध, तम्बाकू मुक्त गांव, तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान हेतु निर्देश जारी किये गये है भारत में तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण मृत्यु के आंकडे़ बढ़े है भारत सरकार ने तम्बाकू आपदा से नागरिकों को विशेषकर बच्चों एवं युवाओं को बचाने के लिये सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम (कोटपा एक्ट-2003) बनाया है।
धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है जिले के सार्वजनिक स्थानों पर सुनिश्चित करें कि, धूम्रपान निषेध सबंधी न्यूनतम 60×30 से. मी. आकार के बोर्ड लगे हो सार्वजनिक स्थानों पर कोई धूम्रपान ना करें अगर इन स्थानों में कोई धूम्रपान करते हुए मिलता है तो दण्डात्मक कार्यवाही करें इन स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर 200/- रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है धारा 5-तम्बाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार हेतु विज्ञापन, उनके द्वारा प्रयोजन स्पोंसरशिप एवं प्रोत्साहन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से निषेध है धारा 6 अ - 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबन्धित है धारा 6 ब - शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज (300 फीट) के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है (अतिरिक्त - किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 77 के अनुसार नाबालिकों को तम्बाकू उत्पाद प्रदान करने पर 7 वर्ष की सजा एवं 1 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
धारा 7- तम्बाकू उत्पादों के पैकेट के ऊपर 85 प्रतिशत चेतावनी (60 प्रतिशत चित्र एवं 25 प्रतिशत लिखित) प्रदर्शित होना अनिवार्य है चित्रात्मक एवं लिखित स्वास्थ्य चेतावनी के बिना तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है
अधिनियम के तहत इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भण्डारण और विज्ञापन का प्रतिषेध अधिनियम, 2019 के अनुसार ई सिगरेट पूर्णतः प्रतिबंधित है जिले में यदि कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्षतः या परोक्ष रूप से इसमें लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी राज्य सरकार ने हुक्का बार प्रतिबंधित किया है यदि कोई हुक्का बार संचालित करते हुए पाया जाए तो दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तम्बाकू नियंत्रण के लिये प्रारूप सम्मलेन फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबेको कंट्रोल (एफसीटीसी) की वर्ष 2004 में भारत के द्वारा अभिपुष्टि की है (एफसीटीसी) के अनुच्छेद 5.3 के अनुसार तम्बाकू उद्योग के वाणिज्य तथा अन्य निहित स्वार्थाे से तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं लोक स्वास्थ्य नीतियों को सुरक्षा प्रदान की जानी है इसके अंतर्गत राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण नीतियों को निर्धारित करने और स्थापित करने के लिए जरुरी है कि तम्बाकू उत्पाद की व्यसनी और हानिकारक प्रकृति के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाये, नीतियों में तम्बाकू विक्रेताओं/उद्योग द्वारा किसी भी तरह के हस्तक्षेप न हो।
प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तम्बाकू नियंत्रण को प्रभावित एवं तम्बाकू को बढ़ावा देने वाले किसी भी तरह के आयोजन, प्रचार प्रोत्साहन प्रतियोगिता आदि में भाग ना लें किसी भी कॉर्पाेरेट सामाजिक जिम्मेदारी गतिविधियों के माध्यम से तम्बाकू उत्पादों को बढ़ावा देते हुए दिखे तो उसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
अधिनियम के समस्त प्रावधानों को लागू कराने के संबंध में विभिन्न विभागों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है नियमों का अनुपालन करके आपके द्वारा उठाये गये आवश्यक कदम बच्चों, युवाओं एवं आमजन को तम्बाकू आपदा से बचाने में कारगर सिद्ध होंगे। कलेक्टर सुश्री मित्तल ने बैठक में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, निकायों, पुलिस विभाग को अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये है।
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