Toll Tax Rules: किन लोगों को नहीं देना पड़ता टोल टैक्स, आइए जानते हैं क्या हैं नियम ?


Toll Tax Rules: इन लोगों को नहीं देना पड़ता टोल टैक्स, सफर से पहले जान लें नियम

जब भी हम राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) या एक्सप्रेसवे से सफर करते हैं, तो टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स देना आम प्रक्रिया होती है। यह टैक्स सड़कों के निर्माण, रखरखाव और बेहतर यातायात सुविधाओं के लिए लिया जाता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में सभी यात्रियों और वाहनों को टोल टैक्स देना ज़रूरी नहीं होता?
सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत कुछ खास पदों पर आसीन व्यक्तियों और कुछ विशेष श्रेणी के वाहनों को टोल टैक्स से कानूनी छूट दी गई है। 
आइए जानते हैं, किन लोगों और वाहनों को टोल टैक्स नहीं देना पड़ता—

1. संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति

देश के कुछ सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को टोल टैक्स से पूरी छूट प्राप्त है। इनमें शामिल हैं—

राष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति
प्रधानमंत्री
राज्यपाल
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश
इन पदों की गरिमा और सरकारी प्रोटोकॉल के तहत उन्हें टोल टैक्स नहीं देना पड़ता।

2. सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी

सरकारी कार्यों के लिए यात्रा कर रहे वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी वाहन टोल टैक्स से मुक्त होते हैं।
हालांकि, इसके लिए वाहन पर वैध सरकारी पहचान और अधिकृत अनुमति (Authorization) होना आवश्यक है।

3. इमरजेंसी सर्विस से जुड़े वाहन

आपातकालीन सेवाओं में किसी भी तरह की देरी न हो, इसके लिए निम्नलिखित वाहनों को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है—

एम्बुलेंस
फायर ब्रिगेड के वाहन
पुलिस वाहन
आपदा प्रबंधन और राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े वाहन

4. सेना और अर्धसैनिक बलों के वाहन

भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य मान्यता प्राप्त सुरक्षा एजेंसियों के वाहन जब आधिकारिक ड्यूटी पर होते हैं, तब उन्हें टोल टैक्स नहीं देना पड़ता।

5. अंतिम संस्कार से जुड़े वाहन

मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम संस्कार में उपयोग होने वाले वाहनों, जैसे—
शव वाहन
अंतिम यात्रा में शामिल वाहन
को टोल टैक्स से छूट दी जाती है।

6. दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से तैयार वाहन

दिव्यांग (विकलांग) व्यक्तियों के उपयोग के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन या संशोधित किए गए मोटर वाहनों को भी टोल टैक्स से छूट दी गई है।

जरूरी सूचना

यह छूट केवल तय नियमों और शर्तों के अंतर्गत ही लागू होती है। गलत तरीके से छूट का लाभ लेने पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

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