महापौर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर महापौर ने निगम में खड़ा किया अपना वाहन कहा पहले जांच कर त्रुटि दुरुस्त कराएं , निगम आयुक्त ने किन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रभार बदला

बुरहानपुर :- नगर निगम की गलती के कारण बुरहानपुर महापौर माधुरी अतुल पटेल पर कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए इसे लेकर 2 सितंबर को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी ने पत्रकार वार्ता ली थी लेकिन बाद में पता चला कि जो आरोप लगाए गए थे उसमें कही न कहीं नगर निगम की ओर से गलत जानकारी दी गई थी जिसके बाद महापौर माधुरी अतुल पटेल ने अपना वाहन यह खड़ा कर नगर निगम को वापस कर दिया कि कहा पहले पूरे मामले की जांच कराएं त्रुटि दुरुस्त कराएं।

आपको बतादे की पूरा मामला 2 सितंबर को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय रघुवंशी ने एक प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें आरोप लगाए कि महापौर माधुरी पटेल ने दो साल में अपनी यात्रा और वाहन पर 1.66 करोड़ 18 हजार 307 रूपए खर्च किए लेकिन जांच में पता चला 1.66 करोड़ का खर्च केवल महापौर के वाहन पर नहीं हुआ है बल्कि यह निगम के सभी वाहनों का भी खर्च है जिसकी जानकारी एक कांग्रेस पार्षद ने नगर निगम से सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी लेकिन उसे केवल महापौर की यात्रा और वाहन खर्च कहा गया इससे पहले नगर निगम में आयोजित हुए परिषद सम्मेलन में भी सवाल उठाए गए थे काफी हंगामा हुआ था 

दूसरी गलती नगर निगम से यह हुई कि सूचना के अधिकार के तहत वार्ड नंबर 27 की पार्षद परवीन हमीद डायमंड की ओर से शपथ विधि की जानकारी मांगने पर जब निगम से जानकारी दी गई तो उसमें शपथ विधि का खर्च 45.10 लाख 724 रूपए बताया गया लेकिन बाद में निगम ने अपनी त्रुटि सुधारी और निगम सचिव की ओर से पत्र जारी कर कहा गया कि महापौर पार्षदों की नेहरू स्टेडियम ग्राउंड पर आयोजित शपथविधि पर 45.10 लाख 724 रूपए नहीं बल्कि 4.51 लाख 724 रूपए खर्च हुए थे लेकिन सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के आधार पर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस पर 45.10 लाख खर्च हुए इसी गफलत की वजह से महापौर पर आरोप लगे और उन्होंने अपना वाहन निगम को सौंप दिया

*लेखा विभाग की गलती कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रभार बदला* 

नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि बजट के डॉक्यूमेंट में कुछ गलतियां आई थी बदमे उस का परीक्षण करने में पता लगा कि वाहनों पर वेय होने वाली राशि थी उसका अलग-अलग सब हेड में क्लासिफाइड करना था ऐसा ना करते हुए से एक हेड में उसको प्रदर्शित किया गया जिसमे त्रुटि हुई है इसमें एंट्री की भी गलती है लेखा विभाग के कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया साथ ही इस मामले में जिन कर्मचारियों ने त्रुटि की उनके विभाग भी बदल दिया आयुक्त ने एक स्पष्टीकरण भी दिया था कि लेखे में गलती हुई वाहन शाखा में भी प्रभार बदले है क्योंकि सारा मसला वहांन से संबंधित था उन्होंने भी इस मसले को पूरी तरह से प्रस्तुत नहीं किया उनका प्रभार बदल दिया गया नोटिस जारी किया गया नगर निगम आयुक्त ने कहा कि भ्रष्टाचार का कोई भी मामला नहीं है जो भी दस्तावेज है निगम ने स्वयं ही निगम की परिषद में प्रस्तुत किया जो व्यय है 1.66 करोड़ खर्च का जो आरोप लगाया गया था वह व्यय महापौर का अकेले का नहीं है उसका हमने स्पष्टीकरण भी दिया था कि यह खर्च नगर निगम के डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहन ट्रेक्टर ट्राली जेसीबी टैंकर सहित नगर निगम के समस्त वाहनों का खर्च है।

नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया एक दिन पहले महापौर ने अपना वाहन निगम को वापस सौंप दिया है उनका कहना है कि पहले लेखा विभाग से जो व्यय की त्रुटि हुई है उस पर विचार कर लो कल ही उन्होंने वाहन वापस किया।

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