फूड प्वाइजनिंग क्यों होती है जानिए इसके कारण , लक्षण और बचने के उपाय


फूड प्वॉइजनिंग एक आम समस्या है, जो दूषित भोजन या पेय पदार्थों के सेवन से होती है. यह हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस या पैरासाइट के कारण हो सकती है.
ज्यादातर मामलों में फूड प्वॉइजनिंग का कारण स्टेफायलोकोकस या ई. कोलाई बैक्टीरिया का संक्रमण होता है, जो ब्लड, किडनी और नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है. सालमोनेला, स्टेफाइलोकोकाई और क्लॉसट्रिडियम बोट्यूलियम जैसे रोगाणु नर्वस सिस्टम पर प्रभआव डालकर खाने को संक्रमित कर सकते हैं.

फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण

पेट में दर्द
दस्त होना
उल्टी होना
हल्का या तेज बुखार होना
ठंड लगना
थकान
कमजोरी
भूख न लगना
मांसपेशियों में दर्द
सिरदर्द

फूड प्वॉइजनिंग के कारण

साल्मोनेला, ई. कोलाई, लिस्टेरिया, स्टेफिलोकोकस और कैम्पिलोबैक्टर जैसे बैक्टीरिया खाद्य विषाक्तता के सबसे आम कारण हैं।

नोरोवायरस और रोटावायरस जैसे वायरस भी खाद्य विषाक्तता का कारण बन सकते हैं।

टोक्सोप्लाज्मा और जियार्डिया जैसे परजीवी भी खाद्य विषाक्तता का कारण बन सकते हैं।

फूड प्वॉइजनिंग के खतरे को बढ़ाने वाले कारक

बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और कुछ गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों फूड प्वॉइजनिंग का खतरा ज्यादा रहता है.
प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने पर भी इसकी संभावना बढ़ सकती है.
भोजन को ठीक से न पकाना, दूषित भोजन के साथ क्रॉस-कंटैमिनेशन और खाद्य पदार्थों को गलत तापमान पर स्टोर करना फूड प्वॉइजनिंग का खतरा बढ़ा सकता है।

बचाव के उपाय
  • शरीर को सेहतमंद रखने के लिए पर्याप्त आराम करना बेहद जरूरी है.
  • पानी, ओआरएस घोल या हर्बल चाय जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें.
  • भोजन को अच्छी तरह से पकाएं और ठंडा होने पर सेवन करें.
  • खाना बनाने और खाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं.
  • फलों और सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह से धो लें.
  • पीने और खाना पकाने के लिए सेफ वाटर सोर्स का इस्तेमाल करें.
  • दूषित या खराब दिखने वाले भोजन से बचें.
  • ऐसी समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें और उनके द्वारा बताई गई दवाएं लें।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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