मुख्यमंत्री जी श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने अपने उद्बोधन कहा अंकुर अभियान के तहत पूरे मध्यप्रदेश में लोग 61 लाख से अधिक पौधे अपने जन्मदिन या खुशी के अवसरों पर लगा चुके हैं।
पहले किसान पूरी जमीन पर खेती नहीं करते थे। वह अपने पशुओं के लिए पड़त भूमि छोड़ देते थे ताकि उनके पशुओं को भी घास मिल सके। जिसे आज हम ग्रीन बेल्ट कहते हैं, पहले वह स्वाभाविक रूप से हुआ करती थी। हमारा राष्ट्र अत्यंत प्राचीन व महान है। अगर कोई भारतीय संस्कृति के विषय में मुझसे पूछें कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता क्या है तो मैं हमेशा कहता हूँ कि एक ही चेतना सभी में है। इसी लिए कहा गया है कि "आत्मवत् सर्वभूतेषु"। हमारे ऋषियों ने कितना सोच समझकर यह गोवर्धन पूजा की परंपरा बनाई होगी!!
अगर कोई मुझसे भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता पूछे तो मैं हमेशा कहूंगा हूं कि एक ही चेतना हम सब में है। हमने पशुओं को भी आत्मभाव के साथ देखा। गौ माता की पूजा तो हम करते ही हैं। हमारे जितने भी अवतार हुए, दशावतार में से तीन तो पशु रूप में ही हुए। यदि कार्बन गैसों का उत्सर्जन ऐसे ही होता रहा, तो धरती का क्या होगा, यह हम समझ सकते हैं। इसलिए धरती को बचाना है, तो अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लाना होगा। कम से कम अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगा लो। हम देखते हैं कि भरा हुआ पानी का गिलास लोग लेते हैं और कई बार दो घूंट पीकर बाकी छोड देते हैं ।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती माधुरी पटेलजी,श्री अतुल पटेलजी, ADM श्री शैलेंद्र सिंह सोलंकिजी,श्री मनीष कुआदेजी जिला समन्वक जन अभियान परिषद् बुरहानपुर,अशोक त्रिपाठीजी ब्लॉक समन्वयक, डॉ. मनोज अग्रवालजी ,अर्जुन महाजन, विट्ठल चौधरीजी ,मनोज महाजन,मिलींद तलेकरजी,पवन राखौंड,मोहन पवार,सुनंदा वानखेडे ,उषा उदलकर, नवांकुर संस्था,ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां, किसान समाजिक कार्यकता सभी उपस्थित थे
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