लालबाग एजुकेशन सोसायटी के कार्यकारिणी ने महाजन को बनाया कार्यकारी अध्यक्ष


बुरहानपुर
- उपनगर लालबाग मे संचालित लालबाग एजुकेशन सोसायटी के तत्वावधान मे गरीब,श्रमिक बच्चो के लिए चलाई जा रही लालबाग उच्चतर माध्यमिक शाला भवन मे संस्था की कार्यकारिणी द्वारा पूर्व मे संस्था के अध्यक्ष श्री.विष्णु दत्त पोद्दार को निष्काशित करने के उपरांत विधिवत कार्यकारिणी सदस्य श्री.सुखलाल जी महाजन को आगामी समय के लिए कार्यकारिणी अध्यक्ष के पद पर विराजित किया।  यह ज्ञात होवे कि पूर्व अध्यक्ष व उनके साथी विजय जैन द्वारा संस्था कार्यालय का ताला तोड़ कर संस्था के महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्स चुरा लिए थे। जिसकी विधिवत लालबाग थाने मे एफ आई आर दर्ज कराकर थाने के 02 स्टार अधिकारी श्री.अजय जी चौहान ने ताला तोड़कर उपस्थित पंचो के समक्ष पंचनामा बनाकर चोरी गई, चेक बुक, नगदी, रबर स्टैंप, रशीद कट्टे, प्रोसिडिंग बुक, एजेंडा बुक व अन्य सामान की एक प्रति संस्था के सचिव को सौंपी थी। 


शिक्षा के मंदिर मे जवाबदारी पद पर रहते हुए कोई ऐसा अपराधिक कृत्य करता है। तो उसे गलत तरीके किए कार्यों की सजा मिलनी चाहिए।  इन सब परिस्थियो को देखते हुए उपनगर लालबाग के सभी बाशिंदे आज शाला भवन मे एकत्रित होकर एकमत से पूर्व से संचालित कार्यकारिणी को अपना सम्पूर्ण समर्थन दिया हैं।  इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए सर्वश्री रुद्रेश्वर जी एंडोले,संभाजीराव सगरे,विजय कारले,रफीक जी गुलमोहमद,आशीष जी शुक्ला, ने अपने विचार रखते हुए उपनगर लालबाग की संस्था पर बुरी नजर रखने वाले कतिपय अपराधी प्रवृति के व्यक्तियों से लड़ने मे पूरा साथ देने का आश्वासन दिया।  संस्था सचिव सुभाष तारेजी एवम् कार्यकारी अध्यक्ष सुखलाल जी महाजन ने उपस्थित सभी लालबाग वासियों को सारा घटना क्रम विस्तार से बताया साथ ही कसेरा जी द्वारा दिए 35 लाख नगद रुपए ना तो शाला के खाते मे आए ना ही संस्था के खाते मे आए वह सारा पैसा पोद्दार ने निजी तौर पर अपने पास या अपने स्वयं के खाते मे रखा होंगा। यहां उल्लेख करना भी जरूरी है, कि इतनी बड़ी रकम चेक के माध्यम से खाते मे आने के स्थान पोद्दार को नगदी कैसे दी गई है। खेर यह तो पुलिस के जांच का विषय है।  उपस्थित लालबाग के नागरिकों ने जिसमे पालक भी उपस्थित थे। सबने एक साथ नारे बाजी कर कहा की यह तो एक अंगड़ाई है, आगे ओर लड़ाई बाकी है।लालबाग के अस्तित्व के लिए हम सब एक हैं।इसके पूर्व भारत माता के जय कारे के साथ वंदे मातरम् के नारे भी लगाए गए।  यह सारा नजारा देख कर लग रहा था, कि गलत नियत रखने वालो के खिलाफ अब लालबाग एक जुट हो गए,एवम् सदा एक रहेंगे।  सभा के अंत मे शाला के अध्यक्ष को उनके आसन पर बैठाया गया।

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