जाति से बड़ी मानवता” का संदेश: ज्योतिबा फुले जयंती पर सुनील भारतीया का सम्मान, 11 स्थानों पर निःशुल्क जल सेवा बनी मिसाल




बुरहानपुर। महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती के पावन अवसर पर बुरहानपुर में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उनके विचारों को सेवा और कर्म के माध्यम से साकार किया गया। ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा शहर के समाजसेवी सुनील भारतीया का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

सुनील भारतीया ने भीषण गर्मी में मानवता की मिसाल पेश करते हुए शहर के 11 प्रमुख स्थानों पर आरओ युक्त निःशुल्क शीतल जल प्याऊ स्थापित किए हैं। खास बात यह रही कि पहले वे केवल एक-दो स्थानों पर ही यह सेवा कार्य करते थे, लेकिन उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कनक देवी की प्रेरणा से इस कार्य को विस्तार देते हुए इस वर्ष 11 स्थानों तक पहुंचाया गया। यह पहल समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज जब समाज जाति, वर्ग और भेदभाव जैसी अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब “जाति नहीं, मानवता महान” का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो गया है। ज्योतिबा फुले ने अपने जीवन में समानता, शिक्षा और मानवता के लिए संघर्ष किया और समाज को एक नई दिशा दी।

सुनील भारतीया का यह सेवा कार्य केवल प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गहरा सामाजिक संदेश भी देता है कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक पहुंचे। तपती गर्मी में एक घूंट स्वच्छ पानी जहां अमृत के समान होता है, वहीं यह पहल समाज में मानवता के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है।
कार्यक्रम में यह भी संदेश दिया गया कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के कार्यों में भागीदारी निभाए, तो सामाजिक समरसता और एकता को और मजबूत किया जा सकता है।

यह आयोजन केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक प्रेरणा बना—कि हम सभी ज्योतिबा फुले के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और जाति-भेद से ऊपर उठकर मानवता की सेवा को सर्वोपरि रखें।

इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. मनोज अग्रवाल, महेंद्र पारीक, श्रीमती सरिता भगत, धर्मेंद्र सोनी, आशा तिवारी, रजनी गटानी, कविता चौहान, अताउल्लाह खान, बसत पाल, नंद किशोर वाणे, राजकुमार बचवानी, रियाज असारी, राजेश भगत सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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