बुरहानपुर - यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही बुरहानपुर की रहने वाली सानिया महेश वासवानी रविवार के दिन रात को अपने घर बुरहानपुर लोटी सानिया महेश यूक्रेन के शुम्मी शहर में दो साल से पढ़ाई कर रही है युद्ध के साए में बिताएं दिनों को याद करके सानिया ने कहा कि एक माह का राशन तो कर लिया था लेकिन पीने का पानी खत्म होने के कारण बर्फ को पिघला कर पानी पिया करती थी सानिया बस से पोल्टावा होते हुए लववी पहुंची यहां से ट्रेन द्वारा पौलेंट बॉर्डर पहुंची पौलेंट से इंडिया के लिए फ्लाइट मिली दिल्ली से रविवार को बुरहानपुर पहुंची सानिया महेश को देखकर परिजनों को खुशी का ठिकाना नहीं रहा उन्होंने बेटी को गले लगाया आशीर्वाद देकर मिठाई खिलाई सानिया महेश ने कहा कि जाह में थी वहा से 5 किलो मीटर के दायरे मे हमले हो रहे थे ओर घर का सारा सामन गिर रहा था जमीन काप रही थी हम 700 स्टूडेंट्स थे ज़ब जब सायरन बजता था हम बंकरो में जाकर छुप जाते थे हमने रूसी सेना को करीब से देखा और आसमान में फाइटर प्लेन नजर आते थे शाम 6:00 से सुबह 6:00 बजे तक कर्फ्यू रहता था तब हमले होते थे पिताजी ने वहां के हालात देखकर फोन करके 1 महीने का राशन खरीदने को कह दिया था फिर पता चला की रूस युक्रेन पर 16 फरवरी को हमला करने वाला है ज़ब अपने वतान की वापसी की कोशिश की तो टिकिट 1लाख रूपये तक महँगा हो गया परिवार रात भर जाग कर वीडियो कॉल के माध्यम से मेरा हौसला अफजही करता रहे 1 साल बाद बुरहानपुर लोटी मे जूस फ्लाइट से आई वो भी आखरी थी वहा का मंजर कभी नही भुल पाएगे जिंदगी मे।
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