बुरहानपुर। जिले के साईंखेड़ा गांव के 32 ग्रामीणों को कर्नाटक ले जाकर बंधुआ मजदूरी कराने वाले मुख्य आरोपी बाला साहेब तोंडे को नेपानगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महाराष्ट्र के सोनीमुहा थाना धारूर, जिला बीड़ का निवासी है और पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था।
आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन कर्नाटक के बादामी क्षेत्र में मिली। इसके बाद एएसआई सुनील दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम रवाना की गई और देवर हिप्परपुर, जिला बीजापुर (कर्नाटक) से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे बनाया था मजदूरों को बंधक
थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने बताया कि 12 फरवरी 2024 को साईंखेड़ा निवासी नवल सिंह भील ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, रिश्तेदार मालू पचावा (निवासी मलगांव) के कहने पर वह अपनी पत्नी, बच्चों और गांव के 32 लोगों के साथ गन्ना कटाई के लिए महाराष्ट्र गया था। वहां से बाला साहेब उन्हें ट्रक में भरकर कुलगिरी (कर्नाटक) ले गया।
मजदूरों से दो महीने तक काम कराया गया, लेकिन मजदूरी देने के बजाय केवल खाने-पीने का सामान दिया जाता रहा। आरोप है कि आरोपी ने सभी के मोबाइल फोन छीन लिए थे, जिससे वे अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। विरोध करने पर उन्हें कमरे में बंद कर मारपीट भी की जाती थी।
इतना ही नहीं, छह मजदूरों से करीब 90 हजार रुपये भी अपने खाते में डलवा लिए गए।
किसी तरह नवल सिंह वहां से भागकर 1 फरवरी को गांव पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कई बार दबिश दी, लेकिन आरोपी हर बार फरार हो जाता था।
आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस टीम की सतर्कता से आरोपी को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी के साथ एएसआई सुनील दुबे, आरक्षक मनमोहन, साइबर सेल के दुर्गेश पटेल, सतपाल और ललित चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है।
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