बुरहानपुर का नाम बदलने के प्रस्ताव के साथ ही सियासत गरमाई , विपक्षी दलों ने किया विरोध

बुरहानपुर - बुरहानपुर का नाम बदलने का भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रस्ताव के साथ ही सियासत शुरू हो गई है।  विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के निशाने पर सत्ताधारी दल बीजेपी आ गई है। बुरहानपुर मप्र में एक फिर शहर के नाम बदलने की सियासत गर्मा गई है इंदौर का नाम देवी अहिल्या नगर किए जाने के बाद अब पश्चिमी मप्र के महाराष्ट्र सीमावर्ती जिले बुरहानपुर के नाम ब्रह्मपुर करने की मांग ने जोर पकड लिया है जिला भाजपा ने प्रस्ताव पारित कर प्रदेश भाजपा के माध्यम से राज्य सरकार से यह मांग की है जिले का नाम बदलने पर शुरू हुई इस सियासत में बुरहानपुर के निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा व बीजेपी के सांसद ज्ञानेश्वर पाटील आमने सामने हो गई है वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी विपक्षी दल कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के निशाने पर आ गई है मप्र में शहर के नाम बदलने की सियासत एक बार फिर शुरू हो गई है प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का नाम देवी अहिल्या नगर किये जाने की मांग के बाद अब निमाड के महाराष्ट्र सीमावर्ती जिले बुरहानपुर का नाम बदलकर ब्रह्मपुर किए जाने की मांग उठी है जिला भाजपा ने प्रस्ताव पारित कर प्रदेश भाजपा के माध्यम से राज्य सरकार से बुरहानपुर का नाम बदलकर ब्रह्मपुर किए जाने का आग्रह किया है खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने भी भाजपा की इस मांग का समर्थन किया है जबकि बुरहानपुर के निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा ने नाम लिए बगैर भाजपा के नेताओं को ज्ञानी व विद्वान शब्दों से संबोधित कर नसीहत दी बजाए इस मांग के शहर में शिक्षा, रोजगार, सिंचाई व्यवस्था, जैसे विकास के मामलों पर चिंतन करना चाहिए बीजेपी ने इस मांग को उठाकर मानो नई सियासत शुरू कर दी है विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने बीजेपी की इस मांग पर कडा एतराज जताया है कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी ने भी कहा नाम बदलने के बजाए शहर व जिले में शिक्षा स्वास्थ्य की अव्यवस्था, बेरोजगारी और विकास के मामलों पर बीजेपी ने फोकस करना चाहिए आम आदमी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष ने कहा शहर का नाम बदलना है या नहीं इसके लिए जनता से राय लेकर जनमत संग्रह किया जाना चाहिए साथ ही नाम बदलने के पहले शहर व जिले में जो नागरिकों को समस्याओं का सामना करना पड रहा है उसे हल करना चाहिए देश में अबतक जिन शहरों के नाम बदले गए वह ऐसे व्यक्तियों के नाम पर थे जो तानाशाह या लुटेरे थे लेकिन बुरहानपुर का नाम फारूकी शासनकाल में एक सूफी संत हजरत बुरहानपुर उद्दीन गरीब के नाम से नामकरण किया गया अगर इस पहलू पर केंद्र सरकार की समिति ध्यान देती है तो बुरहानपुर का नाम बदलना इतना आसान नहीं होगा

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