क्या है पेगासस
इस मामले की और तह तक जाने से पहले ये समझ लेना ज़रूरी है कि आखिर ये पेगासस सॉफ्टवेयर बला क्या है? और काम कैसे करता है. आज हम जो भी फोन इस्तेमाल करते हैं वो दो प्लेटफॉर्म यानी एंड्रॉयड या आईओएस पर होता है, पेगासस इन्हीं की कमियों या बग को निशाना बनाता है. यानी अगर आपका फोन लेटेस्ट सिक्योरिटी से लैस हो, तब भी पेगासस उसमें सेंध लगा सकता है. इसके लिए ये भी ज़रूरी नहीं है कि जासूसी कराने वाला, उस इंसान के नज़दीक हो जिसके फोन की जासूसी की जानी है. पेगासस को किसी भी फोन या किसी दूसरी डिवाइस में दूर बैठकर भी इंस्टॉल किया जा सकता है.
ऐसे काम करता है पेगासस
ये एक ऐसा प्रोग्राम है जो SMS पर भेजे लिंक पर ते ही इंस्टाल और एक्टीवेट हो जाता है. फोन के माइक्रोफ़ोन, कैमरा, ऑडियो, टेक्सट मेसेज, ईमेल और लोकेशन तक की जानकारी हासिल हो जाती है. पेगासस जासूसी कराने वाले को एन्क्रिप्टेड ऑडियो सुनने और एन्क्रिप्टेड मैसेजेस को पढ़ने लायक बना देता है. हैकर बिना शक पैदा हुए अपने टारगेट के कॉन्टेक्ट लिस्ट से लेकर उसकी कॉल तक को आसानी से सुन सकता है. पेगासस के इस्तेमाल से हैक करने वाले को उस व्यक्ति के फ़ोन से जुड़ी सारी जानकारियां मिल सकती हैं. अपग्रेडेड वर्जन से पेगासस 'जीरो क्लिक' साफ्टवेयर बन गया, यानी इसके लिए लिंक की भी जरूरत नहीं पड़ती. कई बार ये एक वॉट्सऐप मिस्ड कॉल के जरिए भी आपकी डिवाइस में एंट्री कर सकता है. पेगासस ने दुनिया भर में करीब 1400 एंड्रॉयड और आईफोन को वॉट्सऐप के जरिए निशाना बनाया.