5 फरवरी को पीएम मोदी पंचलोहा से बनी संत रामानुजाचार्य की 216 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करेंगे. समानता का प्रचार प्रसार करने वाले संत रामानुजाचार्य का जन्म 1017 में वर्तमान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में हुआ था.
216 फुट की यह मूर्ति, बैठी हुई मुद्रा में होगी. जोकि तकरीबन 36 हाथियों और 108 कमल के पत्तों से घिरी होगी. मूर्ति के साथ त्रिदंडम (पवित्र ध्वज) भी रहेगा, जिसकी लंबाई 153 फीट है और वजन 60,000 किलोग्राम है.
प्रतिमा को तिरुपति, श्रीरंगम, द्वारका और बद्रीनाथ जैसे देश भर के 108 पवित्र मंदिरों की प्रतिकृतियों से भी घेरा गया है. 120 किलो सोने से बनी संत रामानुजाचार्य प्रतिमा की एक और प्रतिकृति भी दैनिक अनुष्ठानों के लिए नीचे की मंजिल पर स्थापित की गई है.
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