अनूठा उदाहरण बनी बहन - बहन ने अपने भाई को लीवर डोनेट कर बचायी जान

बुरहानपुर, 20 दिसम्बर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में एक बहन ने भाई की जान बचाई है। बहन ने अपने भाई को लीवर डोनेट किया है। लीवर ट्रांसप्लांट मुंबई के एक निजी अस्पताल में हुआ।

दरअसल, गीतादत्त नगर निवासी अर्चना महाजन के पिता की 20 साल पहले मौत हो गई। इसके बाद गणेश नेरकर (60) ने बहनों को कभी पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। अब बीमारी की वजह से भाई गणेश का लीवर हुआ तो बहन अर्चना ने खुद का एक लीवर भाई को दान किया।


परिवार के ही सदस्यों में से किसी एक के लीवर ट्रांसप्लांट की बात सामने आई तो दूसरी बहन का लीवर मैच हो गया। इस पर अर्चना खूब रोईं, लेकिन बाद में अर्चना का ही लीवर मैच हुआ। उन्होंने खुद को गौरांवित महसूस कर लीवर ट्रांसप्लांट कराया।

अर्चना के पति अरूण महाजन नेपानगर में संकुल प्राचार्य हैं। वह शुरूआत से इस काम में अपनी पत्नी के साथ रहे। उन्होंने पत्नी के इस निर्णय पर कभी आपत्ति नहीं ली, लेकिन बेटा, बेटी संकोच कर रहे थे। उन्होंने बच्चों को बताया कि यह सब आसान है। तब वे मान गए।


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