एनीमिया होने पर निम्न लक्षण सामने आते हैं :
थकान
त्वचा और आंखों में पीलापन
बेहोशी या चक्कर आना
बार-बार प्यास लगना
बहुत ज्यादा पसीना होना
कमजोरी महसूस होना
अनियमित पल्स रेट
सांस लेने में समस्या
पैर के निचले हिस्से में ऐंठन होना
दिल की धड़कनों का अनियमित होना
हाथ और पैरों का ठंड़ा होना
सिरदर्द होना
सीने में दर्द होना
एनीमिया के घरेलू उपाय क्या हैं?
एनीमिया के घरेलू उपाय में सबसे पहले कहा जाता है कि हमें आयरन युक्त फूड्स खाना चाहिए। आइए जानते हैं कि एनीमिया के घरेलू उपाय में आप क्या-क्या खा सकते हैं :
सहजन की पत्तियां या ड्रमस्टिक की पत्तियों का सेवन करने से एनीमिया में राहत मिल सकती है। एनीमिया के घरेलू उपाय के रूप में सहजन की पत्तियों में विटामिन ए और सी, आयरन, कैल्शियम व मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। 10 से 15 सहजन की पत्तियां अच्छे से धोकर काट लें और पीस लें। इसे जूस की तरह बनाएं और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं, लेकिन अगर आप गर्भवती हैं या बच्चे को दूध पिलाती हैं तो इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से पूछ लें।
एनीमिया के घरेलू उपाय में खजूर का उपयोग बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। डेट या खजूर को बच्चे या फिर बूढ़े, सभी खाना पसंद करते हैं। खजूर में फाइबर, पोटैशियम, विटामिन-B विटामिन-C और मैग्नेशियम पाया जाता है। ये सभी न्यूट्रिएंट्स शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। अगर किसी भी इंसान का वजन कम है तो भी वो खजूर खा सकता है। डेट या खजूर शरीर का वजन सही रखने के साथ ही ब्लड की मात्रा को भी बैलेंस रखता है।
चुकंदर का सेवन करें
बीटरूट में विटामिन-बी9, विटामिन-सी, फाइबर, पोटेशियम और आयरन पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते है। चुकंदर खाने से शरीर को अन्य कई फायदे पहुंचते हैं। अगर चुकंदर को रोजाना खाने में शामिल किया जाए तो खून की कमी की समस्या यानी एनीमिया से बचा जा सकता है।
अनार में विटामिन सी, फॉस्फोरस, फाइबर, कैल्शियम, आयरन जैसे अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही कारण है कि यह शरीर को कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है और शरीर में हुए खून की कमी को भी पूरा करने में मदद करता है।
कीवी (Kiwi) का नियमित सेवन शरीर में खून की कमी को पूरा करता है। अगर कीवी का सेवन डॉक्टर की परामर्श के साथ किया जाए तो बेहतर रहेगा। कीवी विटामिन के, विटामिन सी, विटामिन ई, फोलेट, पोटेशियम आदि का अच्छा स्त्रोत है। कीवी के नियमित सेवन से शरीर में ब्लड लेवल को बढ़ाया जा सकता है। इसको सामान्यत: डेगू के मरीजों को खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह बेहद काम का फल है।
केले (Banana) में मैग्नेशियम, पोटैशियम, फायबर, प्रोटीन, विटामिन-बी6, विटामिन-सी, और फोलेट जैसे पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। केले के नियमित सेवन से शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी नहीं होती है और शरीर फिट रहता है। अगर किसी व्यक्ति को खून (Blood) की कमी हो गई है तो बनाना का सेवन करना बेहतर रहेगा।
टमैटो में अच्छी मात्रा में विटामिन-c मौजूद होता है। टमाटर का सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचने में मदद करता है। टमाटर में लाइकोपीन पाया जाता है। ये एक तरह का कैरोटीनॉयड (Carotenoid) है, जो प्रोस्टेट कैंसर (Prostate cancer) के खतरे को भी कम करता है और शरीर में खून की सही मात्रा में बनाए रखता है।
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