बुरहानपुर - निमाड़ की नैय्या कहे जाने वाले व मध्यप्रदेश व देश की राजनीति का बेहतरीन चमकदार सितारा आज अस्त हो गया।
निमाड़ ने नन्दू भैय्या के रूप में एक शानदार राजनेता, प्रखर वक्ता,संवेदनशील व बेहतरीन इंसान और सकारात्मक सोच रखनेवाले एक महान नेता को खो दिया।
नन्दू भैय्या के असामयिक निधन ने पूरे प्रदेश व निमाड़ के जनमानस को शोक में धकेल दिया। राजनीति में भी क्या पक्ष क्या विपक्ष सभी ने नन्दू भैय्या के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की।
मेडिकल संसार के संपादक डॉ. मनोज अग्रवाल ने अपनी संवेदनायें व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक राजनेता से इतर एक अच्छे इंसान थे जो हमेशा हर किसी की सहायता करने के लिए खड़े रहते थे।
राजीनतिक जीवन -
अपने लंबे राजनैतिक जीवन मे वह अनेक पदों पर रहे-
● सन् 1978- 80 व 1983-87 तक शाहपुर से नगर पालिका के अध्यक्ष रहे थे.
● सन् 1985-96 तक लगातार 2 बार भाजपा से विजयी हो कर मध्यप्रदेश विधानसभा के बुरहानपुर क्षेत्र से विधायक रहे थे.
● सन् 1996 को 11वें लोकसभा चुनाव मे वें विजयी हुए थें लेकिन उनका कार्यकाल 1996-97 तक ही रहा क्योकी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने अपना त्यागपत्र दे कर सरकार निरस्त कर दी थी.
● सन् 1996 को 11वें लोकसभा चुनाव मे वें विजयी हुए थें लेकिन उनका कार्यकाल 1996-97 तक ही रहा क्योकी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने अपना त्यागपत्र दे कर सरकार निरस्त कर दी थी.
● सन् 1998 में उपचुनाव में 12वीं लोकसभा चुनाव मे वह दुसरी बार खंडवा क्षेत्र से विजयी हुए थे. यह कार्यकाल भी 1998-99 तक ही रहा जिसका मुख्य कारण वाजपेयी सरकार के समर्थक पार्टी का समर्थन वापस लेना था.
● सन् 1999 में 13वीं लोकसभा उपचुनाव में वें 3री बार विजयी हुए. जिसने इनका कार्यकाल 1999-2004 तक 5वर्ष पूर्ण चला. ● सन् 2004 मे 14वीं लोकसभा चुनाव मे वह चौथी बार फिर से खंडवा क्षेत्र से सांसद का चुनाव जीत कर विजयी हुए परंतु वह विपक्ष मे बैठे.क्योकिं केन्द्र मे मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार बन चुकी थी.
● सन् 2009 के 15वी लोकसभा चुनाव मे उन्हें फिर से खंडवा क्षेत्र से भाजपा ने उम्मीदवार बनाया परंतु इस बार वें कांग्रेस प्रत्याशी अरूण यादव से चुनाव हार गए थे परंतु उन्हें पार्टी ने मध्यप्रदेश राज्य का भाजपा पार्टी का प्रदेशअध्यक्ष बनाया।
● 16वीं लोकसभा चुनाव में वे नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व हुए चुनाव मे विजयी हुए. व उन्हें पुन: मध्यप्रदेश भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया था व सन् 2018 मे उन्होने अपना त्यागपत्र भाजपा प्रदेशअध्यक्ष पद से दे दिया ताकि वह अपने संसदीय क्षेत्र मे विकासकार्य कर सकें.
● 16वीं लोकसभा चुनाव में वे नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व हुए चुनाव मे विजयी हुए. व उन्हें पुन: मध्यप्रदेश भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया था व सन् 2018 मे उन्होने अपना त्यागपत्र भाजपा प्रदेशअध्यक्ष पद से दे दिया ताकि वह अपने संसदीय क्षेत्र मे विकासकार्य कर सकें.
विगत 11 जनवरी को कोरोना पॉज़िटिव होने के बाद उन्हें भोपाल में चिरायु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के बाद उनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आ गयी थी और तबियत में सुधार भी हो रहा था किंतु सांस लेने में तकलीफ की वजह से डॉक्टरों की सलाह पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मेदांता अस्पताल में भर्ती करने की सलाह के साथ भेजा,किंतु फिर भी उनके स्वास्थ्य में ज्यादा सुधार नहीं हो पाया और आज उन्होंने अंतिम सांस ली,जिसकी पुष्टि उनके सुपुत्र श्री हर्षवर्धन ने की।
स्वर्गीय चौहान की पार्थिव देह आज दोपहर एयर एंबुलेंस से खंडवा हवाई पट्टी लाई जाएगी और वहाँ से बुरहानपुर ले जाई जाएगी । अंतिम संस्कार गृहनगर शाहपुर में होना संभावित है ।
उनके सहयोगी,साथी,रिश्तेदार सभी ग़मगीन हैं जैसे सबकुछ स्थिर हो गया हो,दुःखो का पहाड़ जैसे टूट पड़ा हो।
महीनों से उनके सहयोगी,साथी,रिश्तेदार,उनके चाहने वाले उनके लिए मंदिरों में पूजा पाठ भी कर रहे थे। किंतु होनी कुछ और ही चाहती थी।
आज राजनीति की काली कोठरी में भी बेदाग़ छवि के हमारे अपने नन्दू भैय्या को परमात्मा ने हमसे दूर कर दिया।
नन्दू भैय्या सदैव जन जन के ह्रदय में जिंदा रहेंगे और अमर रहेंगे।
ॐ शांति शांति शांति🙏
नन्दू भैय्या सदैव जन जन के ह्रदय में जिंदा रहेंगे और अमर रहेंगे।
ॐ शांति शांति शांति🙏
Tags
बुरहानपुर समाचार