बुरहानपुर - 1 मार्च, 2021/-महाराष्ट्र राज्य में कोविड-19 के प्रकरणों में तेजी से वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह ने बुरहानपुर जिले की संपूर्ण सीमा क्षेत्र के लिए धार्मिक प्रतिष्ठा्नों एवं पूजा स्थलों की गतिविधियों के संचालन के संबंध में आदेश जारी किये है।
जारी आदेशानुसार-
बुरहानपुर जिले में धार्मिक प्रतिष्ठानों/पूजा स्थल निम्नानुसार शर्ताे के अधीन खुलेगे-
◆ कन्टेंनमेंट एरिया के अंतर्गत आने वाले समस्त धार्मिक प्रतिष्ठान/पूजा स्थल बंद रहेंगें, सिर्फ कंटेनमेंट एरिया के बाहर के स्थलों पर प्रवेश की अनुमति होगी।
◆ 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को आना प्रतिबंधित रहेगा।
धार्मिक प्रतिष्ठानों/पूजा स्थलों पर कार्यरत व्यक्तियों तथा आगंतुकों द्वारा निम्न सावधानियों का पालन किया जाये-
◆ सार्वजनिक स्थानों पर, जहॉ तक संभव हो, आपस में 6 फीट की दूरी रखना होगी।
◆ चेहरे को मास्क/फेस कवर से ढांकना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा।
◆ साबुन एवं पानी से बार-बार 40-60 सेकंड तक हाथ धोए जाये अल्कोहल युक्त सेनेटाईजर से हाथों को सेनेटाईज करने की सुविधा रखें।
◆ छींकते/खांसते समय मुंह को रूमाल/टिश्यू पेपर/कोहनी से ढांके, उपयोग किये गये टिश्यू पेपर का ठीक से निस्तातरण सुनिश्चित करना होगा।
◆ स्वयं के स्वास्थ्य की निगरानी करना, बीमारी के लक्षण होने पर तत्काल जिले की हेल्पलाईन पर संपर्क करना होगा।
◆ थूकना सर्वथा वर्जित हैं।
◆ प्रवेश द्वार पर हैण्ड हायजीन के लिये सेनेटाइजर डिस्पेन्सर एवं थर्मल स्क्रीेनिंग अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखना होगा।
◆ लक्षण रहित व्यक्तियों (सर्दी, खांसी, बुखार आदि न होने पर) को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति रहेगी।
◆ मास्क/फेस कवर पहनने पर ही प्रवेश की अनुमति होगी।
◆ कोविड-19 संक्रमण से बचाव संबंधी प्रसार सामग्री का प्रदर्शन प्रमुखता से करना होगा।
◆ ऑडियो एवं वीडियों क्लिप द्वारा बचाव संबंधी सावधानियों का प्रसारण बार-बार सुनिश्चित करेगें।
◆ जूते/चप्पल स्वयं के वाहन में खोल कर आना होगा।
◆ परिसर के बाहर एवं पार्किंग एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करवाना धार्मिक प्रतिष्ठान संचालकों के लिये अनिवार्य होगा।
◆ परिसर के अंदर अथवा बाहर संचालित दुकान/स्टॉल/कैफेटेरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन 24×7 सुनिश्चित करना होगा।
◆ सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिये कतार की लाईन में गोले के निशान बनवाना होगा। संभव होने पर प्रवेश एवं निकास द्वार पृथक रखना होगा।
◆ प्रवेश के लिये कतार में कम से कम 6 फीट की दूरी सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
◆ परिसर में प्रवेश के पूर्व आगन्तुकों द्वारा साबुन एवं पानी से हाथ एवं पैर का धोना सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
◆ एसी का तापमान 24 ℃ - 30℃ रखना होगा, रिलेटिव हयूमिडिटी 40-70 प्रतिशत रखना, ताजी हवा का आवागमन एवं क्रॉस वेंटीलेशन पर्याप्त होना सुनिश्चित करना होगा।
◆ परिसर की सफाई व्यवस्था रखना, टॉयलेट/बाथरूम एवं हाथ पैर धोेने के स्थान पर सफाई रखना होगा।
◆ धातु से बनी वस्तुएं जैसे-रेलिंग, नल, दरवाजें के हेन्डल आदि का बार-बार विसंक्रमण सुनिश्चित करना होगा।
◆ धार्मिक प्रतिष्ठान द्वारा परिसर की बार-बार सफाई एवं विसंक्रमण सुनिश्चित करना होगा।
◆ कर्मचारियों एवं आगन्तुकों द्वारा छोडे़ गये मास्क/फेस कवर/ग्लब्स का समुचित निपटान सुनिश्चित करना होगा।
◆ बड़ी संख्या में लोगों का एकत्रित होने की अनुमति नहीं होगी। घर से वजू करके आयें। प्रार्थना के लिये जाजम न बिछाई जाये। श्रद्धालु अपनी मेट/कपड़ा स्वयं लाये तथा प्रार्थना के बाद वापस ले जायें।
◆ अभिवादन के लिये एक दूसरे को स्पर्श करना प्रतिबंधित रहेगा।
◆ धार्मिक प्रतिष्ठानों में सामुदायिक रसोई/लंगर/अन्नदान में सोशल डिस्टेेसिंग का पालन भोजन बनाने एवं वितरित करने के दौरान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा।
कोई भी व्यक्ति उक्त आदेशों का उल्लघंन करता है, तो उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्यवाही के साथ आईपीसी की धारा 188 और अन्य कानूनी प्रावधान लागू होते हैं, जिसके तहत कार्यवाही की जाएगी।