इलाज की प्रकिया कारण पर निर्भर करती है। अगर आपको हार्ट अटैक आया है तो डॉक्टर सर्जरी या बिना सर्जरी वाले इलाज की प्रकिया की सलाह देंगे। दोनों ही आपकी स्थिति पर निर्भर करते हैं।
इलाज की मदद से दर्द को कम किया जा सकता है व दोबारा दिल का दौरा पड़ने नहीं दिया जाता। हार्ट अटैक पड़ने पर मरीज के ट्रीटमेंट के लिए निम्न विकल्प मौजूद होते हैं –
एंजियोप्लास्टी – इस प्रक्रिया में बैलून (गुब्बारे) की मदद से ब्लॉक (बंध) हुई धमनियों को खोला जाता है या जमे हुए प्लाक को हटाया जाता है।
स्टेंट – स्टेंट एक तार से बना जाल होता है जिसे हृदय की धमनियों में डाला जाता है ताकि उन्हें एंजियोप्लास्टी के बाद खुला रखा जा सके।
हार्ट बाईपास सर्जरी – बाईपास सर्जरी के अंदर डॉक्टर ब्लॉक हुए भाग में रक्त प्रवाह को फिर से शुरू करते हैं।
पेसमेकर – यह एक प्रकार का उपकरण होता है जिसे त्वचा के अंदर इम्प्लांट किया जाता है। इसे हृदय गति को सामान्य बनाए रखने के लिए बनाया गया है।
हार्ट ट्रांसप्लांट (हृदय प्रत्यारोपण) – इलाज के इस विकल्प को बेहद तीव्र मामलों में चुना जाता है जिसमें दौरा पड़ने के कारण हृदय को अत्यधिक क्षति पहुंची होती है और हृदय के ज्यादातर ऊतक पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं।
आपके डॉक्टर आपको कुछ दवाओं का सेवन करने की भी सलाह दे सकते हैं। जैसे की –
खून के थक्कों को तोड़ने वाले ड्रग्स
ब्लड थिनर (खून को पतला करने वाली दवाएं) जैसे एंटीप्लेटलेट और एंटीकोआगुलंट्स
दर्द निवारक दवा
नाइट्रोग्लिसरीन
रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की दवा