श्रद्धालुओं ने ताप्ती नदी में मुंजोबा महाराज का किया अभिषेक

बुरहानपुर - वसंत पंचमी पर शहरभर में पारंपरिक गण-मुंजों की भक्ति की लहर दिखाई दे रही है। सुबह से ही जगह-जगह से गण-मुंजे सजधज कर शहर में निकले। दर्शन-पूजन के लिए भक्त ताप्ती नदी के बीच उतरे और श्रद्धा, भक्ति से चांदी के मुंजोबा का जल अभिषेक किया।
माघ शुक्ल की वसंत पंचमी पर महाराष्ट्रीयन परिवारों द्वारा गण-मुंजे का उत्सव मनाया जाता है। 
इतवारा,रास्तीपुरा, आलमगंज, महाजनापेठ, डाकवाड़ी, शिकारपुरा क्षेत्र से शोभायात्रा निकली। कोरे कपड़े, माथे और भुजाओं पर तिलक-अक्षत से पारंपरिक स्‍वरूप दिया गया। ढपलों की थाप पर 250 से अधिक गण-मुंजों का पारंपरिक नृत्य हुआ। हाथों में मोर पंख लेकर मुंजोबा के जयकारे लगाए।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गण-मुंजे फव्वारा चौक, राजपुरा के सराफा दुकानों पर पहुंचे,यहां किसी ने मन्नत के चांदी के मुंजे बनवाए। किसी ने चांदी की मूर्तियों को शुद्धिकरण किया। 
गजेंद्र वाढे ने बताया कि सुनार और मुंजोबा का साले-जीजा का रिश्ता माना जाता है। 
हंसराज वाढे और जगदीश वाढे ने बताया कि चांदी के मुंजोबा को ताप्ती नदी के राजघाट या नागझिरी घाट ले जाया जाता है,और शुद्ध जल से अभिषेक किया जाता है। सुबह से ताप्ती नदी के इन घाटों पर गण-मुंजे पहुंचने लगे थे। सुबह से ही नदी किनारे मेले सा नज़ारा देखने को मिल रहा है,लगभग 3 हजार से अधिक भक्त दर्शन-पूजन के लिए जुटे। ताप्ती नदी में उतरकर भक्तों ने मुंजों का अभिषेक किया। 



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