● स्किन इंफेक्शन (Skin Infection): टैटू बनवाने से त्वचा में लालिमा, मवाद, सूजन जैसी कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं। इसके अलावा कई तरह के बैक्टीरियल संक्रमण भी आपको इनसे हो सकते हैं। कई बार इसे बनवाते समय चोट भी लग जाती है। टैटू बनवाते समय और बनवाने के बाद क्शन त्वचा पर इंफेक्शन भी हो सकता है , इंफेक्शन से बचाने के लिए आपको बहुत केयर करने की जरूरत होती है।
● एलर्जिक रिएक्शन (Allergic Reaction):
कुछ लोगों में टैटू बनवाने के बाद एलर्जिक रिएक्शन हो जाते हैं। ऐसा इंक के कारण होता है खासतौर पर अगर इंक में प्लास्टिक है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाल, पीला, नीला और हरे पिगमेंट से एलर्जिक रिएक्शन होने की संभावना रहती है।
● केलॉइड स्केरिंग (keloid scarring):
टैटू कराने से कई बार स्कार(scar) पड़ने की संभावना रहती है। खासतौर पर यह तब होता है जब टैटू पूरी तरह ठीक न हुआ हो या फिर किसी तरह का इंफेक्शन या संक्रमण हुआ हो। ये केलॉइड स्कार भी बन सकते हैं। ये पुराने धक्कों से मिलकर बनता है जिसमें पुराने स्कार टिश्यू होते हैं।
● ब्लड बॉर्न डिसीज (Blood Born Disease):
अगर आपके टैटू को बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया उपकरण संक्रमित खून से दूषित है तो आप अलग-अलग ब्लड बॉर्न डिसीज के शिकार हो सकते हैं। इसमें हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और एडस शामिल हैं। इस तरह टैटू का हेल्थ पर असर पड़ सकता है।
● मांसपेशियों को होता है नुकसान
युवा अपनी त्वचा पर शौक से टैटू बनवाते हैं, लेकिन उसके बाद होने वाले नुकसान से अंजान रहते हैं। कुछ डिजाइन ऐसे होते हैं जिनमें सुइयों को शरीर में गहराई तक चुभाया जाता है। इसके कारण मांसपेशियों को काफी नुकसान पहुंचता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर पर जहां भी तिल हो, वहां टैटू बनवाने से बचना चाहिए।
● यदि आपको लगता है कि आपका टैटू संक्रमित हो सकता है या आप चिंतित हैं कि आपका टैटू ठीक नहीं हो रहा है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।