जानिए इसके प्रमुख कारण -
(1) खून की कमी - कई बार शरीर में रक्त की कमी, निम्न रक्तचाप का कारण बनती है।किसी बड़ी चोट या अंदरूनी रक्तस्राव के कारण शरीर में अचानक खून की कमी हो जाती है, जिससे रक्तचाप निम्न हो जाता है।
(2) कमजोरी व पोषण की कमी - पोषण की कमी और कमजोरी निम्न रक्तचाप का एक बढ़ा कारण है। जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर शरीर पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाती जिससे रक्तचाप निम्न हो जाता है।
(3) हृदय रोग - ह्रदय की समस्याएं जैसे हृदय गति में अधिक कमी (ब्रेडीकार्डिया), हृदय के वाल्व की समस्याएं, दिल का दौरा और हृदय की विफलता सहित अन्य समस्याएं हाइपोटेंशन पैदा कर सकती हैं।
(4) पानी की कमी - शरीर में पानी की कमी से आप कई बार कमजोरी महसूस करते हैं। पानी की कमी से सिर्फ लो ब्लडप्रेशर ही नहीं, स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं भी होती हैं जिसमें बुखार, उल्टी, डायरिया आदि शामिल हैं। गंभीर निर्जलीकरण से हाइपोवेल्मिक शॉक (Hypovolemic shock) नामक जटिलता हो सकती है।
(5) गर्भावस्था - महिलाओं में गर्भावस्था के समय लो ब्लडप्रेशर की समस्या हो सकती है क्योंकि इस समय सर्कुलेटरी सिस्टम तेजी से बढ़ता है और ब्लडप्रेशर कम हो जाता है।
(6) दवाएं - कई दवाएं जैसे ड्यूरेटिक्स, रक्तचाप-कम करने वाली दवाएं, हृदय की दवाइयां (जैसे कि बीटा ब्लॉकर्स या कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स), पार्किंसंस रोग की दवाएं, ट्राइसाइक्लिक एंटीडेप्रेसेंट्स, स्तम्भन दोष की दवाएं (जैसे कि वायग्रा), नशीले पदार्थ और शराब रक्तचाप को कम कर सकते हैं।
(7) एलर्जी प्रतिक्रिया - एनाफिलेक्सिस (Anaphylaxis) नामक एक जानलेवा एलर्जी की प्रतिक्रिया अक्सर रक्तचाप में अचानक गिरावट का कारण बनती है। इसके लक्षणों में खुजली, त्वचा के चकत्ते, साँस लेने में कठिनाई, गले और जीभ में सूजन, पेट में ऐंठन, मतली और दस्त शामिल हैं।
(8) सैप्टीसीमिया (Septicemia) और सेप्टिक शॉक (Septic shock) -
एक गंभीर संक्रमण, जिसे सैप्टीसीमिया कहा जाता है, हाइपोटेंशन पैदा कर सकता है। सैप्टीसीमिया तब होता है रक्त में संक्रमण है और पूरे शरीर में फ़ैल जाता है। दिल पूरे शरीर में तेज़ी से रक्त पंप नहीं कर पाटा और इससे रक्तचाप कम हो जाता है। जब रक्तचाप खतरनाक तरीके से कम हो जाता है, तो इस स्थिति को सेप्टिक शॉक कहा जाता है।
(9) अन्य समस्याएं - जैसे डायबिटीज, थायरॉयड, एडिसंस डिसीज आदि हैं, तो आप निम्न रक्तचाप के मरीज हो सकते हैं। इसके अलावा किसी प्रकार का टेंशन, सदमा लगने, डर जाने, इंफेक्शन आदि होने पर भी यह समस्या हो सकती है।