बुरहानपुर से एक अनोखी खबर सामने आई है, जहां साईं बाबा के मंदिर में एक कुत्ते की समाधि बनाई गई है। अब इस समाधि के पास भूरू बाबा की मूर्ति स्थापित करने की भी योजना है।
कौन थे भूरू बाबा ?
बुरहानपुर के लालबाग रेलवे स्टेशन के पास स्थित श्री साईं बाबा मंदिर में भूरू बाबा नाम के सफेद कुत्ते की समाधि बनाई गई है। भूरू बाबा को मंदिर में विशेष स्थान प्राप्त था, और उन्हें खंडेराव महाराज का दर्जा दिया गया था।
मंदिर समिति के सदस्य के अनुसार, भूरू बाबा का जन्म 13 अप्रैल 2013 को इसी मंदिर में हुआ था और 27 जनवरी 2025 को उनका निधन हो गया।
श्रद्धालुओं के दिलों में बसे भूरू बाबा
भूरू बाबा का मंदिर से गहरा लगाव था। पूरे 13 साल वे यहीं रहे और कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। वे बेहद शांत स्वभाव के थे।
उनकी तबीयत बिगड़ने पर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के अस्पतालों में उनका इलाज कराया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ और उनका निधन हो गया। भूरू बाबा बच्चों के प्रिय थे और लोग उन्हें मंदिर की दिव्य परंपरा का हिस्सा मानते हैं।
अब मंदिर समिति भूरू बाबा की मूर्ति स्थापित करने की तैयारी कर रही है, ताकि उनकी श्रद्धा और आस्था को हमेशा के लिए सहेजा जा सके।
Tags
बुरहानपुर समाचार