शरीर में दिखने लगें ये 10 बदलाव, तो समझ लें बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल!


अगर दिखने लगें ये 10 संकेत, तो समझ लें बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल!

उच्च कोलेस्ट्रॉल शरीर में कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, खासकर हृदय और रक्त प्रवाह से जुड़ी परेशानियां। अगर समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए, तो यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में, जो शरीर में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल की चेतावनी देते हैं।

1. सीने में दर्द या भारीपन

जब धमनियों में कोलेस्ट्रॉल का जमाव बढ़ने लगता है, तो रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है, जिससे सीने में दर्द या दबाव महसूस हो सकता है। इसे एंजाइना कहा जाता है, जो हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।

2. सांस लेने में तकलीफ

अगर धमनियां संकरी हो जाती हैं, तो हृदय को ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करने में कठिनाई हो सकती है। इससे सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी हो सकती है, खासतौर पर शारीरिक गतिविधियों के दौरान।

3. लगातार थकान और कमजोरी

जब शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता, तो ऊर्जा की कमी महसूस होती है। इससे व्यक्ति को बार-बार थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है, भले ही उसने ज्यादा मेहनत न की हो।

4. हाथों और पैरों में सूजन

रक्त प्रवाह सही तरीके से न होने के कारण शरीर में सूजन हो सकती है, खासकर हाथों और पैरों में। अगर आपके अंग अक्सर सूज जाते हैं, तो यह कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत हो सकता है।

5. त्वचा पर पीले धब्बे या गांठें

जैंथोमा नामक स्थिति में त्वचा पर पीले, सफेद या हल्के भूरे धब्बे बनने लगते हैं। ये खासतौर पर कोहनी, घुटने, हाथ या आंखों के पास नजर आते हैं और कोलेस्ट्रॉल असंतुलन का संकेत हो सकते हैं।

6. आंखों की रोशनी पर असर

आंखों की छोटी रक्त वाहिकाओं में अवरोध आ सकता है, जिससे धुंधला दिखना या अचानक दृष्टि कमजोर होने की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक नजर में बदलाव को अनदेखा न करें।

7. बार-बार चक्कर आना

अगर मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता, तो सिर हल्का लग सकता है या चक्कर आने लग सकते हैं। यह संकेत गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है।

8. स्ट्रोक का खतरा

कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा स्तर रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध कर सकता है, जिससे अचानक स्ट्रोक हो सकता है। अगर अचानक बोलने में दिक्कत, चेहरे का एक हिस्सा सुन्न होना या चलने में असंतुलन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

9. मानसिक थकावट और अवसाद

ऊर्जा की कमी और रक्त संचार की गड़बड़ी मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। इससे व्यक्ति को सुस्ती, उदासी या ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है।

10. जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द

बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल सूजन को बढ़ावा देता है, जिससे जोड़ों और मांसपेशियों में अकड़न और दर्द हो सकता है। अगर बिना किसी अन्य कारण के बार-बार दर्द महसूस हो रहा है, तो इसे अनदेखा न करें।
सावधान रहें और सही कदम उठाएं

अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लें और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाएं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है।




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