स्वामी नारायण मंदिर में गोवर्धन पूजन के साथ हुआ अन्नकूट (56 भोग) का आयोजन , भक्तों ने लिया दर्शन लाभ

बुरहानपुर जिले के सिलमपुरा स्थित स्वामी नारायण मंदिर में आज दिपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजन किया जाता हैं, इस अवसर पर आज 56 भोग का आयोजन किया गया।
अन्न कूट (56 भोग) एक प्रकार से सामूहिक भोज का आयोजन है, जिसमें पूरा परिवार और वंश एक जगह बनाई गई रसोई से भोजन करता है, इस दिन चावल, बाजरा, कढ़ी, साबुत मूंग, चैला तथा सभी सब्जियां एक जगह मिलाकर बनाई जाती हैं, इसी प्रकार आज स्वामिनारायण मंदिर में भी अन्नकूट बनाकर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है, स्वामिनारायण मंदिर में आज के दिन प्रातरूगाय के गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है, जिसे मनुष्याकार बनाकर पुष्पों, लताओं आदि से सजाया जाता है, और पूजा की जाती हैं।
 जिले के स्वामीनारायण मंदिर में आज अन्नकूट 56 भोग का आयोजन किया गया।
मंदिर में आज दिपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजन किया जाता हैं, हमारे वेदों में कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन वरुण, इन्द्र, अग्नि आदि देवताओं की पूजा का विधान है, इसी दिन बलि पूजा, गोवर्धन पूजा, मार्गपाली आदि होते हैं, इस दिन गाय-बैल आदि पशुओ को स्नान कराकर, फूल माला, धूप, चंदन आदि से उनका पूजन किया जाता है, गायों को मिठाई खिलाकर उनकी आरती उतारी जाती है, यह ब्रजवासियों का मुख्य त्योहार है, अन्नकूट (56 भोग) या गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई, उस समय लोग इन्द्र भगवान की पूजा करते थे तथा छप्पन प्रकार के भोजन केली के शुद्ध पानी और शुद्ध घी से बनाकर तरह-तरह के पकवान व मिठाइयों का भोग लगाया जाता था, ऐसा ही दृष्य स्वामिनारायण मंदिर में देखने को मिला, यहां अन्य प्रकार के भोग लगाकर पहाडनुमा तैयार किया गया, और जिसे अन्नकूट नाम दिया यह परंपरा मंदिर में लगभग 200 वर्षो से चली आ रही हैं, 56 भोग के दर्षन के लिए भक्तों का तांता लग गया।

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