साइबर अपराधियों ने मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के इंजीनियर प्रमोद गढ़वाल को डिजिटल अरेस्ट करके 40 हजार रुपए ठग लिए। साइबर ठगों ने वाट्सएप कॉल करके कहा कि मैं थाने से बोल रहा हूं।
तुम्हारा बेटा गैंगरेप केस में फंस गया है। अगर, उसे छुड़वाना चाहते हो तो तुरंत 40 हजार रुपए ट्रांसफर करो। इंजीनियर प्रमोद झांसे में आ गए और रकम ट्रांसफर कर दी। फिर 10 मिनट बाद उन्हें दूसरे नंबर से कॉल आई। ठगों ने कहा कि मामला बहुत बड़ा है, इसलिए उसे छुड़वाना है तो और 2 लाख रुपए ट्रांसफर करो। इस बार इंजीनियर को शक हुआ और उन्होंने अपनी नजदीकी लालबाग थाने में पहुंचकर केस दर्ज करवाया।
हैदराबाद में पढ़ रहा है बेटा
दरअसल, उनका बेटा हैदराबाद में पढ़ रहा है, जिस कारण वह पहली बार ठगों के झांसे में आ गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने कॉल करके कहा था कि पैसे ट्रांसफर नहीं करोगे तो तुम्हारे बेटे को आठ से दस साल के लिए जेल में रहना होगा। पुलिस अधीक्षक (SP) देवेंद्र पाटीदार ने कहा कि पुलिस-प्रशासन द्वारा लगातार डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी को खिलाफ जागरुकता फैलाई जा रही है। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
युवक के रोने की सुनाई आवाज
पीड़ित इंजीनियर ने अपनी शिकायत-पत्र में बताया है कि ठगों ने अपनी डीपी में पुलिस की वर्दी वाला फोटो लगा रखा था। उन्होंने सामूहिक दुष्कर्म में भव्य (उनका बेटा) समेत तीन युवक गिरफ्तार किए गए है। कॉल के दौरान ही भव्य को आवाज देकर बुलाने का भी नाटक किया और किसी के रोने की आवाज सुनाई, जिससे वे मानसिक दबाव में आ गए।
मीडिया वालों के नाम की दी धमकी
ठगों ने कहा कि मीडिया वाले आए हैं, उन्हें मैनेज करने के लिए पैसे देने होंगे, इसलिए रकम बढ़ा दी है। इंजीनियर प्रमोद ने आम लोगों से अपील की है कि उनकी तरह वे डिजिटल अरेस्ट के शिकार नहीं हों। अनजान नंबरों से आने वाले कॉल, वीडियो कॉल नहीं उठाएं। खासकर +92 से शुरू होने वाले नंबर नहीं उठाएं।
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