तहसीलदार के रीडर कुशवाहा को इंदौर लोकायुक्त ने 3500 रु. की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा


बुरहानपुरइंदौर लोकायुक्त ने बुरहानपुर तहसील कार्यालय में कार्यवाही करते हुए बुरहानपुर तहसीलदार का रीडर अशोक कुशवाह 3500 रु. की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। जमीन नामांतरण के लिए फरियादी से 5 हजार की रिश्वत मांगी थी। एक हजार पहले ही पीड़ित दे चुका था। फरियादी रोहित सिंह वर्मा ने लोकायुक्त में मे शिकायत की थी। डीएसपी लोकायुक्त प्रवीण सिंह बघेल के नेतृत्व में कार्रवाई हुई है।


तहसीलदार के रीडर को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक तहसीलदार राम पगारे के रीडर अशोक कुशवाह ने नामांतरण के लिए रिश्वत मांगी थी। फरियादी रोहित वर्मा ने लोकायुक्त पुलिस को रीडर द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। नामांतरण के लिए रीडर 5 हजार रुपये देने की मांग कर रहा था। फरियादी उसे एक हजार रुपये पहले ही दे चुका था। वह 3500 रुपये देने के लिए पहुंचा था। रुपये देने के बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रीडर को पकड़ा और उसके हाथ धुलवाए तो रंगीन हो गए।

इसके बाद लोकायुक्त की टीम उसे लेकर गेस्ट हाउस पहुंची और आगे की कार्रवाई की। लोकायुक्त पुलिस की टीम को देख रीडर घबरा गया था। फरियादी रोहित वर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन के नाम से दो प्लॉट लिए थे। इनके नामांतरण के लिए करीब तीन महीने पहले उन्होंने आवेदन दिया था। इस दौरान रीडर टालमटोल करते रहे। रविवार को उन्हें फोन लगाकर कहा कि आपने यहां प्लॉट लिए हैं, वहां के 2500 रुपये प्रति प्लॉट का रेट है, यह आपको देना होंगे।

इसके बाद फरियादी ने रीडर से कहा कि यह बहुत ज्यादा हैं, कुम कम हो सकते हो बताइये। बाद में रीडर ने साढ़े चार हजार रुपये देने की बात कही। फरियादी ने बताया कि वो पहले ही रीडर को एक हजार रुपये दे चुका था। इसके बाद उसने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत कर दी और आज उन्हें 3500 रुपये की दूसरी किश्त दी थी।

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