कहीं आप तो नहीं कर रहे खाने में मिलावटी हल्दी का इस्तेमाल? आइए जानते हैं कैसे करें आसानी से जांच


घर की रसोई से लेकर पूजा-पाठ में इस्तेमाल किए जाने तक के लिए हल्दी का खास महत्व है. यहां तक कि कई बीमारियों से दूर रखने के अलावा हल्दी का इस्तेमाल कई रोग में मददगार भी होता है.
हल्दी खरीदने के दौरान की गई लापरवाही या असली हल्दी की सही पहचान न होने पर आपके लिए हल्दी का इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है. आज हम आपको असली और नकली हल्दी के बीच अंतर करने का आसान तरीका बताएंगे. असली हल्दी की पहचान करने की ट्रिक बहुत ही आसान है और आप मिनटों में पता कर लेंगे कि आप नकली हल्दी लेकर आए हैं या फिर असली?

कहीं आप तो नहीं कर रहे मिलावटी हल्दी का इस्तेमाल ?

सबसे पहले दो अलग-अलग कांच के गिलास लीजिए.
इसके बाद दोनों कांच के गिलास में पानी भर लीजिए.
अब एक-एक चम्मच हल्दी दोनों ग्लास में डाल लीजिए.
शुद्ध हल्दी गिलास में नीचे बैठ जाएगी, लेकिन मिलावटी हल्दी घुल जाएगी.

इसके अलावा हल्दी में अगर कोई रंग मिला होगा तो हल्दी पीली की जगह लाल रंग में भी हो सकती है. आपको बता दें कि मिलावटी हल्दी के कई नुकसान हो सकते हैं. इसलिए अगर आपको पता चल जाए कि जिस हल्दी का इस्तेमाल कर रहे हैं वो मिलावटी है या कहें कि नकली है तो इसे बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें.

नकली हल्दी खाने के नुकसान

पाचन तंत्र पर असर डालता है. जिस वजह से अपच, पेट दर्द, गैस और उल्टी की समस्या हो सकती है.
नकली हल्दी के सेवन से किडनी और लिवर को भी नुकसान पहुंच सकता है.
एलर्जी और स्किन से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं.
नकली हल्दी में पाए जाने वाले केमिकल्स आंखों और दिमाग पर भी असर डाल सकते हैं.
नकली हल्दी का सेवन आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी नुकसान पहुंचाकर, कमजोर कर सकती है.

आपको जानकारी के लिए बता दें, कि मिलावटी हल्दी टॉक्सिक हो सकती है. पाउडर वाली हल्दी से हमारी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. इस तरह की हल्दी में जौ का आटा या कसावा स्टार्च मिला हो सकता है. ऐसी नकली हल्दी की पहचान करना मुश्किल है. मिलावटी हल्दी ग्लूटेन इन्टॉलरेंस और सीलियक डिजीज के मरीजों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकती है.

हल्दी में कैसे की जाती है मिलावट

लेड क्रोमेट

हल्दी में रंग को चमकदार बनाने के लिए लेड क्रोमेट नामक जहरीले रसायन का इस्तेमाल किया जाता है. यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और इसमें न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और किडनी के बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

कास्टिक सोडा और दूसरे केमिकल्स

कुछ व्यापारी हल्दी को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने के लिए कास्टिक सोडा और दूसरे हानिकारक रसायनों का उपयोग करते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं.

फंगस और माइक्रोटॉक्सिन्स

गलत तरीके से स्टोर की गई हल्दी में फंगस और माइक्रोटॉक्सिन्स विकसित हो सकते हैं. जो पाचन तंत्र को नुकसान पहुँचा सकते हैं और आगे चलकर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं.

कीटनाशकों का उपयोग

हल्दी की खेती में ज्यादा मात्रा में कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है, जो कि फसल के साथ-साथ कंजयूमर्स की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है।



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