बुरहानपुर में कहां स्थापित है केले के पेड़ व रेशे फल से बनाई गणेश जी की प्रतिमा ? प्रति वर्ष बनाते हैं अनोखे गणपति

बुरहानपुर - शहर में 300 से अधिक गणेश सार्वजनिक गणेश पंडालों में आकर्षक और अलग अलग मुद्राओं में गणेश जी की प्रतिमाए स्थापित की गई है. 

बुरहानपुर के नागझिरी घाट पर श्रीराम नवयुवक सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति के 2 कलाकारों ने केले के रेशे से ईको फ्रेंडली भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का निर्माण किया है, जो शहर में आकर्षण और जनचर्चा का विषय बनी हुई है. 

प्रतिमा को 2 कलाकारों ने 8 दिन में बनाया है. यह इको फ्रेंडली केले के रेशे से बनी भगवान श्री गणेश की प्रतिमा लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दे रही है. 

कलाकार रूपेश प्रजापति ने बताया कि इस साल हमने जिले में सर्वाधिक उत्पादित होने वाली केला फसल पर फोकस किया है. इस साल हमने जो ईको फ्रेंडली गणेश जी की मूर्ति तैयार की है उसमें केला, केले का पेड़, केले के फायबर, पलाश के पत्ते का उपयोग कर तैयार किया है. दो कलाकारों ने महज आठ दिन में यह मूर्ति तैयार की है।

रूपेश प्रजापति ने बताया कि अब तक उनके मंडल ने बर्तन से बने गणेश, मिट्टी से बने आकर्षक गणेश, फल फ्रुट्स से बने गणेश जी, मसालों से बने गणेश जी, विभिन्न धागों से बने गणेश जी, गन्ने के गणेश जी, नदी पर मिलने वाले पत्थर और सीप से गणेश जी, स्टेशनरी सामान जैसे कॉपी-कागज-पेन-पेन्सिल के गणेश जी की मूर्तियां बना चुके हैं।

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