बुरहानपुर - 11 महीने बाद नगर निगम परिषद सम्मेलन बुधवार दोपहर 12 बजे से परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बीच नेता प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब महापौर दे रही थीं तभी आखिरी में कांग्रेस पार्षद इस्माइल अंसारी खड़े हुए और कहा महापौर के पास विधायक प्रतिनिधि क्यों बैठे हैं हमारी महापौर को बैसाखी की जरूरत नहीं है अगर महापौर को ऐसी बैखासी की जरूरत है तो ऐसी डरपोक महापौर हमें नहीं चाहिए।
इस पर भाजपा पार्षद आक्रोशित हो गए एक तरफ से भाजपा पार्षद महापौर जिंदाबाद के नारे लगाते रहे तो दूसरी ओर से विपक्षी कांग्रेस पार्षद महापौर हाय हाय की नारेबाजी करते रहे सदन में काफी देर तक हंगामा हुआ , वहीं पार्षद गौरव शुक्ला ने इस्माइल अंसारी को जवाब देते हुए कहा कि इसी महापौर ने तीन बार चुनाव हराया है इसलिए इससे खिन्न होकर वह ऐसे आरोप लगा रहे हैं ,यह महापौर का नहीं शहर का अपमान है
अध्यक्षता कर रही निगम अध्यक्ष अनीता अमर यादव ने दोपहर 1.15 सम्मेलन 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक लंच के लिए ब्रेक हुआ सम्मेलन फिर से शुरू होना था लेकिन नाराजगी के चलते सदन में महापौर और भजपा पार्षद अनुपस्थित रहे।
कांग्रेस पार्षद इस्माइल अंसारी ने कहा कि मैंने कोई भी महिला खासकर महापौर का अपमान नहीं किया जब महापौर का उद्बोधन हो रहा था तो मैंने साथी पार्षदों को चुप कराया कि पहले महापौर का उद्बोधन हो जाने दो क्योंकि विधायक प्रतिनिधि बैठने की जगह होती है लेकिन वह दूसरी जगह बैठे थे वह महापौर जी के बाजू में जाकर क्यों बार बार महापौर को डिस्टर्ब कर रहे थे अगर महापौर को असिस्टेंट लग रहा है बैसाखी लग रहा है तो मैंने बोला कि फिर महापौर इस्तीफा दे दें डरपोक है महापौर का इस परिषद में काम नहीं हमें तो एक निडर महापौर चाहिए जो बुरहानपुर की समस्याओं को दूर करे तो उनको यह लग रहा है कि इस्माइल अंसारी ने महिला का अपमान किया मुद्दा रोड भ्रष्टाचार का था वह अपनी उपलब्धि गिना रहे थे जो उनके खाते में नहीं जाती आपने क्या किया पैदल नहीं चल सकते शहर में आज भी शहर में गंदा पानी आ रहा है भेदभाव चरम सीमा पर है।
जितनी योजनाएं बताई क्या उसके काम नगर निगम में नहीं होते सारे काम नगर निगम से होते हैं फिर से उसे केंद्र सरकार की योजना कैसे कह सकते हैं नगर निगम राशि ट्रांसफर करता है हमारे कार्यकाल को दो साल हुए हैं आने वाले तीन साल में बुरहानपुर में सड़कें चमकती हुई दिखेगी महापौर को डरपोक क्यों बोल रहे हे शहर में गड्ढे भरे जा रहे हैं।
एक साथ नहीं किया लंच दूसरी जगह गए महापौर,भाजपा पार्षद
सम्मेलन के दौरान भाजपा और विपक्षी पार्षदों के बीच हुई नोक झोंक के बाद दोपहर 2.30 बजे भी अजीब स्थिति बनी लंच के लिए कांग्रेसी पार्षद जहां बैठे थे वहां महापौर सहित अन्य पार्षद नहीं आए वह वहां से दूर एक निजी होटल में लंच किया जबकि कांग्रेसी पार्षदों ने ऑडिटोरियम में जहां सम्मेलन हो रहा था वहां ही भोजन किया
महापौर माधुरी अतुल पटेल ने कहा पीएम स्वनिधि के तहत 6785 हितग्राहियों को 8 करोड़ का लोन बिना भेदभाव के प्रदान किया सशक्तिकरण के लिए 225 महिला स्व सहायता समूहों को 22 लाख की सहायता दी 4 करोड़ का आर्थिक सहयोग दिया गया शहरी गरीबए बेसहारा के लिए दीनदयाल रसोई और रैन बसेरा का संचालन किया जा रहा है कोई भेदभाव किसी योजना में नहीं किया जा रहा है अगर ऐसा करती तो आज तीसरी बार महापौर नहीं बनती पार्षदों से चुनकर नहीं आई हूं बुरहानपुर की जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया जनता ने मुझे चुनकर भेजा है यह बुरहानपुर की जनता महिलाओं का अपमान है महिला पार्षदों का भी अपमान है।
पूर्व महापौर अतुल पटेल ने कहा यह अंदर की पीड़ा है। इनको कभी अवसर नहीं मिला कहीं भी उनका विधायक, सांसद नहीं है मन की पीड़ा व्यक्त कर महापौर का अपमान नहीं शहर की जनता का अपमान कर रहे हैं स्पीकर को कार्रवाई करना चाहिए था इतने लोगों का समय खराब हुआ है।
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