नशा और हिंसा के बीच एक गहरा संबंध है,नशाखोरी अक्सर हिंसा की ओर ले जाती है : डॉ मनोज अग्रवाल


बुरहानपुर - नशा और हिंसा के बीच एक गहरा संबंध है। नशाखोरी अक्सर हिंसा की ओर ले जाती है, जिससे व्यक्ति और समाज दोनों को नुकसान पहुंचता है। नशे की लत से व्यक्ति की सोच और व्यवहार में बदलाव आता है, जिससे वह हिंसक और आक्रामक हो जाता है। उक्त बात श्री सांई नशामुक्ति केंद्र बुरहानपुर के संचालक डॉ मनोज अग्रवाल ने बताते हुए कहा कि नशाखोरी से व्यक्ति के दिमाग में नकारात्मक विचार आते हैं, जिससे वह हिंसा की ओर बढ़ता है। नशे की लत से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे वह हिंसक कार्यों को करने से नहीं हिचकिचाता है। नशाखोरी से व्यक्ति के रिश्ते भी खराब होते हैं, जिससे वह अपने परिवार और समाज से कट जाता है।


नशाखोरी के कारण हिंसा के कई मामले सामने आते हैं। नशे की लत से व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करता है, जिससे घरेलू हिंसा बढ़ती है। नशाखोरी से व्यक्ति सामाजिक हिंसा की ओर भी बढ़ता है, जिससे समाज में अपराध बढ़ता है।

नशाखोरी के खिलाफ लड़ने के लिए हमें जागरूकता फैलानी होगी। हमें लोगों को नशाखोरी के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करना होगा। हमें नशाखोरी के आदी व्यक्ति को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजना होगा और उन्हें हिंसा से दूर रखना होगा।

इसके अलावा, हमें समाज में हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी होगी। हमें हिंसा के खिलाफ कानून बनाने होंगे और उन्हें सख्ती से लागू करना होगा। हमें समाज में शांति और सौहार्द को बढ़ावा देना होगा और हिंसा को रोकना होगा।

केवल तभी हम नशाखोरी और हिंसा के खिलाफ लड़ सकते हैं और समाज को सुरक्षित बना सकते हैं।

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