बुरहानपुर - नशा एक ऐसी बीमारी है जो न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि समाज पर भी इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। नशे की लत से व्यक्ति की सोच और व्यवहार में बदलाव आता है, जिससे वह अपने परिवार और समाज के लिए बोझ बन जाता है। उक्त बात श्री सांई नशामुक्ति केंद्र के संचालक डॉ मनोज अग्रवाल ने निशुल्क नशामुक्ति स्वास्थ्य शिविर में कही।
उन्होंने कहा कि नशे के कारण व्यक्ति की सेहत खराब होती है, जिससे वह काम करने में असमर्थ हो जाता है और परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होती है। नशे की लत से व्यक्ति के रिश्ते भी खराब होते हैं और वह अपने परिवार और समाज से कट जाता है।
नशे का समाज पर असर बहुत ही खतरनाक होता है। नशे की लत से व्यक्ति अपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ता है, जिससे समाज में अपराध बढ़ता है। नशे के कारण व्यक्ति की सोच और व्यवहार में बदलाव आता है, जिससे वह हिंसक और आक्रामक हो जाता है।
नशे के खिलाफ लड़ने के लिए हमें सामाजिक स्तर पर प्रयास करने होंगे। हमें नशे के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी और लोगों को इसके हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करना होगा। हमें नशे के आदी लोगों की मदद करनी होगी और उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों में भेजना होगा।
केवल तभी हम नशे के खिलाफ लड़ सकते हैं और समाज को इस बुराई से मुक्त कर सकते हैं।
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