नशा केवल नशा करने वाले को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार, समाज व देश को भी खोखला कर देता है : डॉ मनोज अग्रवाल


नशा केवल नशा करने वाले को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार, समाज व देश को भी खोखला कर देता है। उक्त बात श्री सांई नशामुक्ति केंद्र के संचालक डॉ मनोज अग्रवाल ने बताते हुए कहा कि - वास्तव में नयी पीढ़ी में लुप्त होते मूल्य एवं पश्चिमी अपसंस्कृति का अंधानुकरण ही इसका मूल कारण है। मौजूदा हालात में नशीले एवं मादक पदार्थों के उत्पादन, प्रयोग, जमाखोरी, बरामदगी, तस्करी, खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। इसके साथ सख्त कानून जरूरी है। जब तक युवा नशे से दूर रहकर अपने ध्यान एवं सृजनात्मक शक्तियों से सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों का निष्पादन नहीं करेगा तब तक न तो स्वस्थ जीवन मूल्यों की उन्नत खेती हो सकती है और न ही नशे की रोकथाम।


फिल्मी हस्तियों में बढ़ता हुआ नशे का प्रचलन दुखदाई है। युवा उन्हें ही अपना गॉडफादर मानते हैं। आज ड्रग्स और शराब के प्रति एक नई सोच ने जन्म लिया है। पहले नशा दोष माना जाता था आज शानो-शौकत का प्रतीक माना जाता है। नशे में संलिप्त वर्ग की सार्वजनिक निंदा होनी चाहिए। सरकार भी कठोर कार्रवाई करे। नशा मुक्ति केंद्र बढ़ाए जाएं। स्वयंसेवी संगठन भी आगे आएं। स्कूल और कॉलेज में जन जागरण अभियान चलाए जाएं। स्कूल-कॉलेज में शिक्षकों को संदेश देना चाहिए कि भावी पीढ़ी नशा मुक्त बने।

युवा पीढ़ी राष्ट्र का भविष्य-नींव दोनों ही होती है। नशा केवल नशा करने वाले को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार, समाज व देश को भी खोखला कर देता है। हर जुर्म की तह तक जाकर देखें तो कारण नशा ही होता है। यहां तक कि आतंकियों का भी यही सबसे बड़ा हथियार है। इसी नशे व पैसे का लालच देकर वो युवाओं को गुमराह करते हैं। युवा पीढ़ी शिक्षित होने के बावजूद नशे की गर्त में जा रही है। इसे रोकने के लिए सख्त कानून ही काफी नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग व हर देशवासी के गंभीर प्रयास व बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान व चेतावनी शिविर लगाने की आवश्यकता है।


मन को मजबूत रखकर नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, नशे की लत से निजात पाने के लिए व्यक्ति को स्वयं को व्यस्त रखने की आवश्यकता होती है। नशा छोड़ने के लिए अपने पारिवारिक सदस्यों के बारे में विचार करें, उनके बारे में सोचें कि आप परिवार के लिए और परिवार आपके लिए कितनी अहमियत रखता है। साथ ही दोस्तों के साथ समय व्यतीत करें। फैमिली, खासकर छोटे बच्चों हों तो उनके साथ अधिकाधिक समय व्यतीत करनें का प्रयास करें। ऐसा करने से कोई भी नशे के दलदल से आसानी से बाहर निकलने में कामयाब हो सकता है।

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