क्या है सिजोफ्रेनिया ? क्या हैं इसके कारण और लक्षण : जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट ?


क्या है सिजोफ्रेनिया ?

सिजोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है. इसमें दिमाग के कुछ खास हिस्सों में केमिकल्स का असंतुलन हो जाता है. इस असंतुलन के कारण विचारों, कार्यों और भावनाओं के बीच समन्वय की कमी हो जाती है।
सिजोफ्रेनिया एक ग्रीक शब्द है, जिसका मतलब है 'विभाजित मन'. इस परेशानी में व्यक्ति की विचारशक्ति, भावनाओं और व्यवहार में तेजी से बदलाव होते हैं, इसके चलते कई बार व्यक्ति अपनी वास्तविकता खो देता है और सामाजिक और परिवारिक संबंधों में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. 

इस समस्या में व्यक्ति काल्पनिक दुनिया या भम्र में रहने लगता है. उसका नजरिया वास्तविक दुनिया या और से अलग हो जाता है. ऐसे लोगों को हमेशा लगता रहता है कि उनके खिलाफ कोई साजिश रच रहा है।

Schizophrenia के लक्षण-

-पीड़ित को किसी से बातचीत करना पसंद नहीं होता

हर समय उदास रहता है व्यक्ति

-अक्सर भ्रम की स्थिति में रहता है

-दूसरों से असामान्य होता है व्यवहार

-आम व्यक्तियों की तरह सुख दुख महसूस नहीं कर पाता

क्या है Schizophrenia का कारण-

मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल गुरुग्राम में न्यूरोसर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर हिमांशु चंपानेरी ने बताया कि सिज़ोफ्रेनिया का कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं पाया है और इस बीमार का इलाज करने वाले डॉक्टरों के लिए ये एक ग्रे क्षेत्र बना हुआ है. हालांकि, ये माना जाता है कि आनुवंशिक, पर्यावरणीय और न्यूरोबायोलॉजिकल कारणों की वजह से व्यक्ति को ऐसी समस्या होती है, जिनकी फैमिली हिस्ट्री ऐसी रही हो उनमें खतरा और बढ़ जाता है. न्यूरोट्रांसमीटर में असंतुलन और मस्तिष्क संरचना में असामान्यताएं भी इसका कारण हो सकती हैं. इसके अलावा अगर किसी को बड़ा दुख-दर्द पहुंचता है या पुराना तनाव होता है तो इससे सिज़ोफ्रेनिया के लक्षणों को और बूस्ट मिल जाता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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