गरीब वर्ग और जरूरतमंद लोगों के लिए देश में कई ऐसी योजनाएं चल रही हैं, जिनका लाभ सीधे तौर पर उन लोगों तक पहुंचाया जा रहा है जो जरूरतमंद हैं।
इनमें पेंशन, राशन, बीमा, घर बनाने के लिए आर्थिक मदद, मुफ्त व सस्ता राशन मुहैया करवाने जैसी कई तरह की योजनाएं शामिल हैं।
इसी कड़ी में एक योजना स्वास्थ्य से भी जुड़ी है, जिस पर सरकार हर साल काफी पैसे खर्च भी करती है। दरअसल, ये योजना कोई और नहीं बल्कि, 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मुख्यमंत्री योजना' है।
क्या आप जानते हैं कि इस योजना से कैसे जुड़ सकते हैं या इस योजना से जुड़ने के बाद लाभ क्या मिलता है? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं इस बारे में।
किसे मिल सकता है योजना का फायदा?
अगर आप भूमिहीन हैं
परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य है
अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं
अगर आप अनुसूचित जाति या जनजाति से आते हैं
अगर आपके पास कच्चा मकान है
अगर आप दिहाड़ी मजदूरी करते हैं
निराश्रित, आदिवासी या फिर ट्रांसजेंडर हैं आदि।
किन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरूरत ?
आपका आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर जरूरी है.
आवेदन की प्रक्रिया जानें:-
स्टेप 1
अगर आप भी आयुष्मान योजना के लिए पात्र हैं और इससे जुड़ना चाहते हैं, तो आपको पहले अपने जदीकी जनसेवा केंद्र पर जाना होता है
यहां आपको संबंधित अधिकारी से मिलकर अपने कुछ दस्तावेज जैसे- आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और एक मोबाइल नंबर आदि देना होता है।
स्टेप 2
इसके बाद आपके दस्तावेजों और आपकी पात्रता की जांच की जाती है
फिर जब सबकुछ सही पाया जाता है, तो आपके आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन कर दिया जाता है और कुछ दिनों के भीतर आपको आयुष्मान कार्ड बनकर मिल जाता है।
मिलने वाला लाभ:-
आयुष्मान योजना के अंतर्गत जो लाभ मिलता है वो ये है कि कार्डधारक अपने आयुष्मान कार्ड के जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकता है
इसका पूरा खर्च सरकार उठाती है यानी आपको पैसे नहीं देने पड़ते हैं।
इन बीमारियों का इलाज होता है इस योजना के अंतर्गत
इसमें आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 5 लाख रुपये तक का इलाज कराने की सुविधा मिलती है. इसमें कोरोना, कैंसर, किडनी, हार्ट, डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया डायलिसिस, घुटना ट्रांसप्लांट, नि:संतानता, मोतियाबिंद जैसी कई गंभीर बीमारियों का मुफ्त में इलाज होता है.
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