बेटियों ने तोड़ी परंपरा की बेड़ियां ,बेटियों ने पिता की अर्थी को दिया कांधा, बड़ी बेटी ने दी मुखाग्नि

बुरहानपुर.  बुरहानपुर जिले के सीलमपुरा में जब तीन बेटियों ने मिलकर अपने पिता की अर्थी उठाया तो सभी की आंखें नम हो गई , और पूरा माहौल ग़मज़दा हो गया।

सिलमपुरा निवासी (68) साल के विनोद नंदलाल पटेल का शनिवार शाम हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया. 

अंतिम संस्कार रविवार सुबह किया गया. अंतिम शवयात्रा उनके सिलमपुरा स्थित निवास से निकली. विनोद पटेल की तीन बेटियां है. तीनों की शादी हो चुकी है. बेटा नहीं होने पर बेटियों ने अंतिम संस्कार का फर्ज निभाया. पिता की अर्थी उठी तो उनकी तीनों बेटियों ने भी कांधा दिया और बड़ी बेटी ने मुखाग्नि दी.

दरअसल, बुरहानपुर जिले के सीलमपुर निवासी विनोद पटेल का कोई लड़का नहीं है. इसलिए उनकी लड़कियों ने ही सारी परंपराओं का निर्वहन किया. 

अंतिम शवयात्रा सिलमपुरा से निकल कर सतियारा घाट पहुंची, जहां बड़ी बेटी प्रीति पटेल ने मुखाग्नि दी. परिवार में तीन लड़की - प्रीति पटेल, पूजा पटेल और प्रियंका पटेल है. विनोद पटेल की खेती किसानी उपकरण सुधारने की दुकान थी.

पापा ने पाला बेटों की तरह

प्रीति पटेल ने बताया कि पापा हमारे लिए भगवान के समान थे. उन्होंने हमें बचपन से लेकर आज तक हमारी हर ख्वाहिश पूरी की और कभी वह अपने आप को बेटे की कमी महसूस नहीं करते थे. क्योंकि उन्हें लगता था कि मेरी बिटिया ही मेरे बेटे के समान है.

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