1 - हाइपर एसिडिटी हो तो खाली पेट आंवला नहीं खाना चाहिए, इससे पेट में जलन हो सकती है। आंवला विटामिन C से भरपूर होता है. ये एक ऐसा पोषक तत्व जो फल की अम्लीय प्रकृति बढ़ाने का काम करता है. स्टडीज के मुताबिक आंवला दिल की जलन की समस्या तो दूर करता है लेकिन हाइपर एसिडिटी वालों में ये दिक्कत बढ़ा सकता है. हाइपर एसिडिटी वाले लोगों को भूल कर भी खाली पेट आंवला नहीं खाना चाहिए.
2 - जो लोग किसी भी तरह के ब्लड डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं उनके लिए आंवला अच्छा विकल्प नहीं है ,आंवले में एंटीप्लेटलेट गुण होते हैं. इसका मतलब है कि ये खून के थक्कों को बनने से रोक सकता है. आंवले का ये गुण हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है लेकिन जो लोग पहले से ही किसी तरह के ब्लड डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं उनके लिए आंवला अच्छा विकल्प नहीं है. ऐसे लोगों को डॉक्टर से संपर्क करने के बाद ही आंवला खाना चाहिए.
3 - जिनकी किसी भी तरह की सर्जरी हुई हो या होने वाली है उन्हें आंवला खाने से बचना चाहिए , इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है. लंबे समय तक ब्लीडिंग होने से हाइपोक्सिमिया, गंभीर एसिडोसिस या मल्टीऑर्गन डिसफंक्शन हो सकता है.
4 - लो ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए। आंवला ब्लड शुगर के स्तर को कम करता है. ये टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद है, लेकिन यह उन लोगों के लिए अच्छा नहीं है जिनका ब्लड शुगर लेवल अक्सर कम रहता है. या फिर जिन लोगों की एंटी-डायबिटिक दवा चलती है.
5 - गर्भवती या ब्रेस्ट फीड करवा रही महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बाद ही आंवले का सेवन करना चाहिए।आंवला में ऐसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद हैं लेकिन ज्यादा मात्रा में इसे खाने पर पेट खराब हो सकता है. इससे डायरिया और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या भी आ सकती है. प्रेग्नेंट या ब्रेस्ट फीड कराने वाली महिलाओं में ये लक्षण और गंभीर हो सकते हैं. इन महिलाओं को डॉक्टर से संपर्क करने के बाद ही आंवला खाना चाहिए.
6 - ड्राई स्कैल्प या रूखी त्वचा की समस्या हो तो ज्यादा आंवला खाने से ये समस्या और बढ़ सकती है। आंवला के कुछ तत्व डिहाइड्रेशन भी बढ़ाते हैं. इसलिए आंवला खाने के बाद ढेर सारा पानी पीने की सलाह दी जाती है.
किसी प्रकार की दवा का सेवन करने वालों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही आंवला खाना चाहिए।
