क्या है लंपी स्किन बीमारी ? इस बीमारी के क्या होते हैं लक्षण ? बचाव के लिए क्या करें ?


क्या है लंपी स्किन बीमारी ?

लंपी त्वचा रोग कैप्रीपोक्स वायरस के कारण होता है, जो गायों और भैंसों को संक्रमित करता है। 

यह बीमारी मुख्य रूप से मक्खी, टिक्स और मच्छर के कारण फैलती है। यह बीमारी नमी वाले तापमान में ज्यादा तेजी से फैलती है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लंपी स्किन बीमारी का प्रकोप अफ्रीका में शुरू हुआ और पाकिस्तान के रास्ते भारत में फैल गया है। इस बीमारी से प्रभावित पशु के शरीर पर फफोले हो जाते हैं और इसमें से पानी रिसने लगता है। इससे बैक्टीरिया को प्रवेश करने का मौका मिल जाता है। ये फफोले घाव का रूप ले लेते हैं। इस पर मक्खियों बैठती है और संक्रमण प्रसार करती है। भारत में इस बीमारी के लक्षण प्रमुख रूप से गाय जैसे दुधारू पशुओं पर देखे जा रहे हैं। इस बीमारी से कई हजार गायों की मौत हो चुकी है। अभी फिलहाल इस बीमारी का प्रकोप सिर्फ गायों में देखा जा रहा है। भैंसों में अभी तक इस बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। 

लंपी स्किन बीमारी के क्या होते हैं लक्षण

● इस बीमारी से ग्रसित पशुओं को बुखार आता है। इससे पशु सुस्त रहने लगता है।

● इस रोग से पीडि़त पशु की आंखों और नाक से स्राव होता है। पशु के मुंह से लार टकती रहती है। 

● इस बीमारी से ग्रसित पशु के शरीर पर गांठ जैसे छाले हो जाते हैं जो फफेले का रूप ले लेते हैं। इससे पशु को काफी परेशानी होती है।

● इस रोग से ग्रसित पशु की दूध देने की क्षमता कम हो जाती है। इससे पशुपालक को हानि होती है।

● रोग से ग्रसित की भूख कम हो जाती है और पशु चारा कम खाना शुरू कर देता है।

● उपरोक्त लक्षण दिखाई देने बाद संक्रमित पशुओं का इलाज शुरू करना चाहिए।  

एक जानवर से दूसरे जानवर में कैसे फैलता है ये रोग

लंपी स्किन एक संक्रामक बीमारी है जो तेजी के साथ एक जानवर से दूसरे जानवरों में फैलती है। जैसा कि हमने आपको बताया कि इस बीमारी के वाहन मच्छर, मक्खी, जूं जैसे परजीवी होते हैं जो इस वायरस को एक पशु से दूसरे पशु में पहुंचाने का काम करते हैं। इन परजीवियों के काटने के बाद जब वो दूसरे जानवरों को काटते हैं तो उनके खून से वायरस दूसरे जानवरों के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ये बीमारी पशुओं में सीधे संपर्क में आने से भी फैलती है। इसके अलावा दूषित भोजन से भी जानवरों में यह बीमारी फैलती है। 

लंपी स्किन रोग से बचाव के लिए क्या करें उपाय/बचाव के तरीके

बचाव के उपाय और तरीके इस प्रकार से हैं-

पशुओं को लंपी स्किन रोग से पशुओं को इस रोग से बचाने के लिए संक्रमित पशु को स्वस्थ पशु से तत्काल अलग कर देना चाहिए। 

◆ संक्रमित क्षेत्र में बीमारी फैलाने वाले मक्खी-मच्छर की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। जैसे- पशु बाडे के पास साफ-सफाई रखनी चाहिए।

◆ पशुओं के खाने और पीने का पात्र साफ होना चाहिए।

◆ पशुओं को ताजा चारा ही खिलाएं। पुराना या गला सड़ा चारा नहीं खिलाएं।

◆ संक्रमित पशु के खाने-पीने का पात्र स्वस्थ पशु के पात्र से अलग रखें |

◆ संक्रमित क्षेत्र से अन्य क्षेत्रों में पशुओं का आवागमन प्रतिबंधित करें।

◆ संक्रमित क्षेत्र के बाजार में पशु बिक्री, पशु प्रदर्शनी, पशु संबंधित खेल आदि पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाएं।

◆ संक्रमित पशु का सेंपल लेते समय पीपीई किट सहित सभी सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं।

◆ संक्रमित पशु प्रक्षेत्र, घर आदि जगहों पर साफ-सफाई, जीवाणु एवं विषाणुनाशक रसायन का प्रयोग करें।

◆ रोग के लक्षण दिखने पर तुरंत ही अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में या पशु चिकित्सक से संपर्क करें।

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