एक गांव ऐसा जहाँ तैर कर जाना पड़ता है अपने घर

बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम सावली में इन दिनों ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर एक फालिया से दूसरे फालिया में पहुंच रहे हैं। दरअसल यहां सावली डैम पर बनी पुलिया करीब 4-5 साल से टूटी हुई है। जिसके कारण ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। हर साल बारिश में यह परेशानी अधिक होती है जब यहां पानी जमा हो जाता है। कुछ लोग अपने बच्चों को कंधे पर उठाकर एक से दूसरे गांव जाते हैं।
ग्राम पंचायत सावली के ग्राम रामसिंग फालिया, मगन फालिया में सावली डैम बना है। यहां चार पांच साल पहले पुलिया थी, लेकिन वह टूट गई है। जिसके कारण रास्ते के बीच पानी जमा रहता है।इनसान हो या पशु, तैरकर पार करते हैं रास्ता रामसिंग फालिया, मगन फालिया की ओर जाने के लिए लोग अपने बच्चों को कंधे पर बैठाते हैं। पशु भी तैरकर निकलते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शवयात्रा ले जाने में आती है धनसिंग फालिया के ग्रामीण धनसिंग मांगीलाल ने कहा- इसे लेकर कईं बार ग्राम पंचायत को अवगत कराया गया है, लेकिन आज तक समस्या का निराकरण नहीं किया गया। पिछले 5 साल से यह समस्या चली आ रही है। अक्षय पाटिल ने कहा-सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के समय ही आती है। पुरूष तो किसी तरह बारिश के 4 माह तैरकर रास्ता पार कर लेते हैं, लेकिन महिलाएं तो 4 माह के लिए घरों में ही कैद होकर रह जाती हैं, क्योंकि उनके लिए रास्ता तैरकर पार करना कठीन है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करते हैं। ऐसे में किसी दिन कोई हादसा भी हो सकता है।
खकनार जनपद सीईओ एससी टेमने ने कहा-सावली में कोई नया डैम नहीं बना है पुराना डैम होगा। फिर भी मैं पता करता हूं कि यह जनपद पंचायत के अंडर में आता है या अन्य किसी विभाग के अधिन है। स्थिति का पता लगाकर निराकरण का प्रयास किया जाएगा।

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