नन्हे चित्रकार मीत ने अपने हाथों से सांसद की तस्वीर बनाकर सांसद श्री.पाटिल जी को सौंपी , उपस्थित लोग भी कला से हुए प्रभावित


बुरहानपुर -  कहते हैं कला की कोई उम्र या सीमा नहीं होती इसको चरितार्थ किया 8 वर्षिय नन्हे बालक मीत ने .. दिन था,शुक्रवार  सांसद कार्यालय मे सबको आश्चर्य हुआ कि एक आठ वर्षीय बालक अपने सिर पर राजकुमार स्टाइल की टोपी लगाकर हाथ मे कागज मे लिपटी फ्रेम लेकर प्रवेश करता है, साथ मे उसके पिता श्री. राहुल जी  नगरे भी थे। बालक की जिद थी, कि सांसद माननीय श्री.ज्ञानेश्वर जी पाटिल आयेंगे तभी मेरे आने का मकसद बताऊंगा। बोलचाल मे मास्टर डिग्री लिए बालक ने पिता को भी खामोश रहने का इशारा किया था।  हम बात कर रहे हैं, ऐतिहासिक नगरी बुरहानपुर के नया मोहल्ला निवासी श्री.राहुल जी नगरे की जो वर्तमान मे सूरत मे नौकरी करते है। उनका मात्र 8 वर्षीय बालक मास्टर ब्लास्टर मीत ने सांसद श्री.पाटिल जी आए तो उस बंद फ्रेम से कागज हटाकर सांसद जी के हाथो मे फ्रेम दी तब जाकर मालूम पड़ा वह फ्रेम खंडवा लोकसभा के सांसद श्री.ज्ञानेश्वर जी पाटिल की अपने नन्हे कोमल हाथों से बनाई हुबहू पेंटिंग भेंट की।सभी आश्चर्य चकित रह गए जब मालूम हुआ कि वह पेंटिंग उसने स्वयं ने बनाई है।जब सांसद श्री.पाटिल जी पूछा की यह हुनर कहा से मिला तब मीत ने बताया कि, लॉक डाउन मे शाला बंद थीं, तब समय काटने के लिए पेंटिंग बनाना सीखा बालक मीत ने बताया जब उसे मालूम हुआ कि, उपचुनाव सांसद श्री.ज्ञानेश्वर जी पाटिल चुनाव जीत गए तभी से सोचा कि, छुट्टियों मे बुरहानपुर जाना है,तो उसने तत्काल सांसद श्री.पाटिल जी की पेंटिंग बनाकर अपने साथ बुरहानपुर लाकर सांसद जी को भेंट की बातो ही बातो मे सांसद जी के पूछने पर उसने कहा कि, अब मै भारत माता की, मोदीजी की पेंटिंग बनाऊंगा।  8 वर्षीय बालक की वाकपटुता से उपस्थित सभी भाजपा कार्यकर्ता उस बालक के मुरीद हो गए थे। 

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