क्या आप उन लक्षणों को जानते हैं जिनसे पता चलता है कि आपका लिवर सही ढंग से काम नहीं कर रहा है.


आइए जानते हैं उन लक्षणों के बारे में जो बताते हैं कि आपका लिवर सही ढंग से काम नहीं कर रहा है.

पीलिया- 

पीलिया में स्किन और आंखों के सफेद हिस्से का रंग पीला हो जाता है. यहां तक कि पेशाब भी गहरा पीला दिखाई देता है. ये लिवर खराब होने का साफ संकेत है. पीलिया तब होता है जब लीवर लाल रक्त कोशिकाओं को सही ढंग संचालित नहीं कर पाता है और इसकी वजह से बिलीरुबिन बन जाता है. स्वस्थ लिवर वो होता है जो बिलीरुबिन को अवशोषित करता है और इसे पित्त में बदल देता है. इससे पाचन को सही रखने में मदद मिलती है.

खुजली वाली त्वचा- 

लिवर में किसी भी तरह की परेशानी से त्वचा के नीचे काफी मात्रा में पित्त नमक जमा होने लगता है. इससे स्किन पर एक परत जमने लगती है और तेज खुजली होती है. स्किन से जुड़ी कई समस्याएं ज्यादातर लिवर से ही जुड़ी होती हैं. हालांकि, खुजली वाली स्किन की समस्या हर बार पित्त की ज्यादा मात्रा से नहीं होती है. इसके पीछे और भी कई वजहें हो सकती हैं.

​भूख ना लगना- 

लिवर एक तरह का पित्त रस बनाता है जो खाने को पचाने में मदद करता है. जब लिवर ठीक से काम नहीं करता है, तो इसका सारा फंक्शन बिगड़ जाता है जिससे भूख में कमी आने लगती है. इसकी वजहे से वजन कम होना, पेट दर्द और मितली भी महसूस होने लगती है.

ब्लीडिंग और चोट लगना- 

अगर आपको अक्सर चोट लग जाती है या फिर आपके घावों को ठीक होने में समय लगता है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. ये लिवर से जुड़ी दिक्कत हो सकती है. चोट लगने के बाद ब्लीडिंग ना रुकना एक आवश्यक प्रोटीन की कमी से होता है. इस प्रोटीन के बनाने का काम लिवर ही करता है. लिवर के सही ढंग से काम ना कर पाने की वजह से ये प्रोटीन भी नहीं बन पाता है. कुछ मामलों में लिवर की समस्या से पीड़ित लोगों के शौच या उल्टी में भी खून आता है.

एकाग्रता की कमी- 

जब लिवर खून से विषाक्त पदार्थों को फिल्टर नहीं कर पाता है, तो यह शरीर के अन्य काम में बाधा डालने लगता है. टॉक्सिन बनने का असर याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगता है. इसकी वजह से एकाग्रता की कमी, भ्रम, मेमोरी लॉस, मूड स्विंग्स और व्यक्तित्व में बदलाव आने लगते हैं।



Post a Comment

Previous Post Next Post