भारत में सर्दी का मौसम शुरू होते ही बढ़ जाती हैं ये आम बीमारियां


1. साधारण ज़ुकाम और बुख़ार

सर्दी और खांसी सर्दी के मौसम की सबसे आम बीमारी है, जिसका लोग काफी आसानी से शिकार हो जाते हैं। एक्पर्ट्स के अनुसार, बदलते मौसम या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से कम प्रतिरक्षा वाले बच्चों पर सीधा असर पड़ सकता है। कमज़ोरी, नाक बंद, छींकना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, खांसी आदि सामान्य सर्दी और फ्लू के कुछ सबसे आमलक्षण हैं।

2. टॉन्सिल्स

टॉन्सिल तब होते हैं, जब गले के पीछे दो अंडाकार आकार के टिशू पैड्स में सूजन आ जाती है। इस सूजन की वजह से टॉन्सिल बढ़ जाते हैं, जिससे गले में जलन और दर्द होता है। जिसकी वजह से आगे चलकर खाना खाने या पानी पीने में भी दर्द होता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया टॉन्सिल के संक्रमण के पीछे की वजह होते हैं।

3. कान का इंफेक्शन

सर्दी के मौसम में अत्यधिक ठंड और नमी से भी कान के इफेक्शन का जोखिम बढ़ता है। तीव्र कान का संक्रमण सर्दी की एक आम समस्या है, जो रातों-रात हो सकती है। इसलिए ज़रूरी है कि इसकी जल्द से जल्द पहचान कर ली जाए। कान का बंद होना और खुजली के साथ-साथ दर्द भी सर्दी से संबंधित समस्या का प्राथमिक लक्षण है।

4. जोड़ों में दर्द

हालांकि, सर्दियों में जोड़ों के दर्द के पीछे कोई वैज्ञानिक या चिकित्सा प्रमाण नहीं है, लेकिन कई लोग हैं जो विशेष रूप से इससे पीड़ित रहते हैं। हालांकि, गठिया से पीड़ित लोगों के लिए भी ऐसा नहीं कहा जा सकता है क्योंकि वे गंभीर जोड़ों के दर्द का अनुभव करते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का दावा है कि सर्दियों के मौसम में वायुमंडलीय दबाव में गिरावट के साथ शरीर में 'पेन रिसेप्टर्स' अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। जिसकी वजह से टिशूज़ में सूजन आ जाती है और जोड़ों में दर्द होने लगता है।

5. ब्रॉन्काइटिस

ब्रोंकियोलाइटिस छोटे बच्चों और शिशुओं में एक सामान्य फेफड़ों का संक्रमण (वायरल) है। यह एक गंभीर स्थिति है क्योंकि इसकी वजह से फेफड़ों के सबसे छोटे वायु मार्ग में बलगम बनने लगता है। क्योंकि यह एक संचारी रोग है, इसलिए लोगों को अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय करने का सुझाव दिया जाता है।

ऊपर बताई गई बीमारियों के अलावा, सर्दियों के मौसम में पेट का फ्लू, साइनासिटिस, त्वचा पर खुजली करने वाली जुएं आदि जैसे रोग भी आम हैं। अच्छी बात यह है कि इन सभी बीमारियों का इलाज आसानी से उपलब्ध है, लेकिन इनके लक्षणों को टाले नहीं और फौरन डॉक्टर से सलाह करें।

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