आयुर्वेदिक महाविद्यालय को मिले 5 शिक्षक वापस...मूल पदस्थापना थी बुरहानपुर की


बुरहानपुर । शिक्षकों की कमी के कारण मान्यता समाप्ति के खतरे से जूझ रहे जिले के आयुर्वेद कालेज को आयुष विभाग ने पांच शिक्षक वापस दे दिए हैं। जिससे आयुर्वेद कालेज की शिक्षण व्यवस्था काफी हद तक सुधरने की उम्मीद है।
शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई लंबे समय से प्रभावित थी। इसे लेकर कई बार ज्ञापन भी सौंपे गए थे, लेकिन शिक्षक नहीं मिल पा रहे थे। आयुष विभाग ने जिन शिक्षकों को बुरहानपुर भेजा है, उनमें भोपाल के स्वशासी आयुर्वेद कॉलेज में सेवाएं दे रही स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र की प्रोफेसर डा. बासंती गुरु, यहीं पर पदस्थ शालक्य तंत्र के रीडर डा. यादव गिरिधर गावले, रोग निदान एवं विकृति तंत्र की व्याख्याता डा. आरती दादलानी, उज्जैन के कॉलेज में सेवा दे रहे द्रव्य गुण व्याख्याता डा. शिवकुमार मिश्रा और शल्य तंत्र के व्याख्याता डा. दीपक नायक शामिल हैं। 
ज्ञात हो कि इन सभी शिक्षकों की मूल पदस्थापना बुरहानपुर में ही की गई थी, लेकिन आठ साल पहले उन्होंने प्रतिनियुक्ति के नाम पर अपना स्थानांतरण भोपाल व उज्जैन जैसे शहरों में करा लिया था। इनमें से कुछ शिक्षक जबलपुर में भी पदस्थ बताए जा रहे हैं। बुरहानपुर भेजे गए शिक्षकों में से अब तक किसी ने ज्वाइन नहीं किया है। सोमवार को कुछ शिक्षकों के ज्वाइन करने की उम्मीद है।

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