अगर बार-बार फड़कती है आपकी आँख तो कारण हो सकती है ये घातक बीमारी!

आंखों के फड़कने को मेडिकल भाषा में 'Myokymia' कहा जाता है। जब आंखों की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं तो वो फड़कने लगती हैं।

कई कारण है जिनके चलते आँख फड़कती है और यह किसी घातक बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में।

आँख फड़कने के कारण -

  • आंखों की मांस पेशियों में समस्या होने से भी आंख फड़क सकती है।
  • तनाव होने के कारण आप ठीक से सो नहीं पाते, नींद पूरी ना होने के कारण भी आपकी आंख फड़क सकती है
  • ज्यादा थकान या कम्यूटर, लैपटॉप पर ज्यादा देर काम करते रहने से भी आंख फड़क सकती है।
  • इसके अलावा आंखों में सूखापन, एलर्जी, पानी आना, खुजली समस्या से भी आंख फड़क सकती है।
  • कहा जाता शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर आंख फड़कने की समस्या पैदा सकता है।
  • इसके अलावा शराब या कैफीन के ज्यादा सेवन से भी ये समस्या हो सकती है।

मायोकेमिया- कहा जाता है आंख फड़कने का यह सबसे सामान्य कारण है मायोकेमिया है। जी दरअसल मायोकेमिया मांसपेशियों की सामान्य सिकुड़न के कारण होता है। 

इससे आंख की नीचे वाली पलक पर ज्यादा असर पड़ता है। ये बहुत थोड़े समय के लिए होता है और लाइफस्टाइल में बदलाव से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमीफेशियल स्पाज्म- आपको बता दें कि ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमीफेशियल स्पाज्म दोनों बेहद गंभीर मेडिकल कंडीशन्स में से एक हैं जो अनुवांशिक कारणों से भी जुड़ी हो सकती है। इसमें मरीज को डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत पड़ सकती है। वहीं इस मामले में ब्लेफेरोस्पाज्म तो और भी ज्यादा गंभीर है, जिसमें इंसान की आंख पर कुछ सेकंड, मिनट या कुछ घंटों तक फर्क पड़ सकता है। इसमें ऐंठन इतनी ज्यादा तेज होती है कि इंसान की आंख तक बंद हो सकती है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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