बाईं तरफ करवट लेकर सोएं
सामान्य लोगों को हमेशा बाईं तरफ करवट लेकर सोना चाहिए. बाईं करवट सोने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और गैस, एसिडिटी, स्लिप डिस्क, कमर दर्द, सर्वाइकल, गर्दन में दर्द, हाई बीपी, हृदय रोग जैसी तमाम परेशानियों से राहत मिलती है. हालांकि पूरी रात एक करवट में नहीं सोया जा सकता. ऐसे में पोजिशन बदलने के लिए आप कुछ देर के लिए पीठ के बल लेट सकते हैं. पोजिशन बदलते रहने से स्पाइनल, बैक, कंधे और गर्दन से जुड़ी समस्याओं से बचाव होता है. लेकिन पेट के बल सोना पूरी तरह से अवॉयड करें. इससे कमर के दर्द, नर्व रिलिटेड और स्पाइन रिलेटेड प्रॉब्लम्स होने का रिस्क रहता है.
प्रेगनेंट महिलाओं के लिए अच्छा है पीठ के बल सोना
कई बार समस्याओं को देखते हुए स्लीपिंग पोजीशन में बदलाव किया जा सकता है. प्रेगनेंट महिलाओं के लिए करवट लेकर सोना कंफर्टेबल नहीं होता. उनके लिए पीठ के बल सोना अच्छा माना जाता है. इससे प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली एसिड रिफलक्स की समस्या कम होती है. इसके अलावा कमर दर्द और कंधे के दर्द में भी आराम मिलता है. पोजीशन बदलने के लिए वे बाईं करवट लेकर लेट सकती हैं.
सोते समय तकिए की मोटाई का ध्यान रखना जरूरी
तकिया लगाना चाहिए या नहीं, इसको लेकर लोगों के अलग अलग विचार हैं. लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो शरीर की सही पोजीशन के लिए तकिया जरूरी होता है. लेकिन तकिया लगाते समय उसकी मोटाई का खासतौर पर खयाल रखना चाहिए. तकिए की मोटाई उतनी ही होनी चाहिए जो आपके कंधे, सिर और गर्दन के बीच बची जगह को भर सके. जिन लोगों को घुटने या पैरों में दर्द होता है, उन्हें करवट लेकर सोते समय दोनों पैरों के बीच में कुशन को रखना चाहिए.