प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्व-सहायता समूहों को एक हजार करोड़ रुपये हस्तांतरित किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाएं तथा कार्यक्रम महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहे हैं और उन्हें सुरक्षा दे रहे हैं।


प्रधानमंत्री महिला सशक्तिकरण पर अपनी तरह के एक अनूठे कार्यक्रम में भाग ले रहे थे जिसमें आज दो लाख से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। इनमें से कई विभिन्न सरकारी योजनाओं की लाभार्थी थीं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कुछ महिला लाभार्थियों से बातचीत भी की।


इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि देश देख रहा है कि उत्‍तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण के लिए कैसे काम कर रहा है और डबल इंजन सरकार ने उन्‍हें सुरक्षा दी है और प्रदेश की महिलाओं की गरिमा को बढ़ाया है।


पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके शासन के दौरान महिलाओं की सुरक्षा दांव पर थी और राजनीतिक हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर था।


पूरक पोषण वितरण प्रणाली की महत्वाकांक्षी योजना के बारे में श्री मोदी ने कहा कि यह महिलाओं के जीवन को बदलने तथा उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


उन्होंने कहा कि बैंक सखी ने बैंक को लोगों के दरवाजे पर ला दिया है। वे राज्य के गांवों में लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का लेन-देन कर रहे हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने लड़कियों और महिलाओं के जीवन की बेहतरी के लिए कई योजनाएं शुरू कीं।


बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में बदलाव के बारे में श्री मोदी ने कहा कि अब कई राज्यों में बालिका लिंगानुपात बढ़ रहा है।


प्रधानमंत्री ने विशेषकर अपनी सरकार द्वारा संपत्ति के मालिकाना हक में महिलाओं का नाम रखने की पहल का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को रजिस्ट्री में प्राथमिकता मिल रही है और इस योजना के अंतर्गत बनाए गए 30 लाख घरों में से 25 लाख संबंधित परिवारों की महिलाओं के नाम पंजीकृत हैं।


महिलाओं की मदद के इस प्रयास में प्रधानमंत्री ने 202 पूरक पोषण निर्माण इकाइयों की आधारशिला रखी और स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते में एक हजार करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। स्वयं सहायता समूहों की लगभग 16 लाख महिला सदस्यों को लाभ पहुच रहा है।


कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत एक लाख से अधिक लाभार्थियों को कुल 20 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिकल्‍पाला के अनुरूप उनकी सरकार राज्य के कल्याण के लिए कई कार्यक्रम चला रही है।


आज से उत्तर प्रदेश में लगभग चार हजार करोड़ रुपये की पूरक पोषण योजना पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में चली गई है।


अब से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जिलेवार पूरक पोषाहार की आपूर्ति करेंगी। सरकार प्रत्‍येक जिले और ब्लॉक स्तर पर पूरक पोषाहार निर्माण इकाइयों का निर्माण करने जा रही है। फतेहपुर और उन्नाव जिले की इकाइयों में उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब पूरक पोषाहार तैयार करेंगी और कच्चा माल भी गांवों से खरीदा जाएगा।


सरकार पूरक पोषाहार के भंडारण के लिए गोदामों का भी निमार्ण करेगी। इससे राज्य की लगभग 10 लाख महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि गांवों के आर्थिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

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