धुल मिट्टी या नहाते समय साबुन कानों में जम जाता है। इसको साफ करने के लिए कुछ लोग इयर बड का सहारा लेते हैं। लोग समझते हैं कि इससे कानों की सफाई अच्छे तरीके से हो जाएगी लेकिन हम आपको बता दें कि ऐसा करने से आपको नुकसान हो सकता है। आप भी अपने कानों के साथ अलग ऐसा ही कुछ कर रहे हैं तो यह बहुत गलत तरीका है।
आइए जानें क्या-क्या हो सकते हैं इसके नुकसान
1. इयर बड से कान साफ करने से मैल बाहर निकलने की बजाय अंदर चली जाती है। जिससे कानों के नाजुक पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। इससे सुनने में भी परेशानी हो सकती है।
2. इयर बड के ऊपर रूई लगी होती है जो कान साफ करने से अंदर भी रह सकती हैं। नहाते समय इस रूई में पानी जमा होता रहता है। जिसमें धीरे-धीरे फंगस पनपने लगती है। जिससे कान को नुकसान पहुंच सकता है।
3. इयर बड को रोजाना इस्तेमाल करने से कान के अंदर की स्किन भी छिल सकती है। इससे कानों की सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ता है।
4. कान के अंदर चिकनाहट कान के पर्दें तक किसी भी तरह की मैल पहुंचने नहीं देती। जब इयर बड से कान साफ करते हैं तो यह चिकनाई भी साफ हो जाती है। जिससे धुल मिट्टी जल्दी कानों के अंदर तक पहुंच जाती है।
5.कान के अंदर पर्दे का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। अगर गलती से कान के ज्यादा अंदर तक बड चला जाए तो नुकसान हो सकता है।
6. गंदी इयर बड के इस्तेमाल से कानों के अंदर संक्रमण भी हो सकता है।
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