घास पर नंगे पैर चलने से कई बीमारियों में होता है आश्चर्यजनक फायदा : जानिये क्या है लाभ ?


भागमभाग और तनाव भरी ज़िन्दगी में लोगों को कई छोटी-मोटी परेशानियां लगी रहती हैं। डायबिटीज, ब्लड प्रैशर और एसिडिटी आदि आम समस्याएं हैं जो लोगों में देखी जाती हैं।
ज्यादातर डॉक्टर शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सैर करने की सलाह देते हैं लेकिन अगर घास पर नंगे पांव चला जाए तो इससे सेहत को दोगुना फायदा मिलता है।
घास पर चलना रोगी के लिए बहुत फायदेमंद होता है। 
आइए जानिए इससे मिलने वाले फायदों के बारे में

डायबिटीज

मधुमेह के रोगियों को अक्सर टांगों और पैरों में दर्द रहता है। ऐसे में उनके लिए घास पर चलना बहुत फायदेमंद रहता है। घास पर नंगे पांव चलने से पैरों के तलवों में रक्त प्रवाह सही तरीके से चलता है जिससे पैरों को आराम मिलता है। इसके अलावा शरीर में भी ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है जिससे डायबिटीज के रोगियों को फायदा मिलता है।

दिल की बीमारी

घास पर नंगे पांव चलने से पूरे शरीर में खून का दौरा तेज होता है जो दिल के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा जिन लोगों के शरीर में रक्त बहुत गाढ़ा होता है उनके लिए भी घास पर चलना फायदेमंद रहता है। इससे खून पतला होता है जो दिल की कोशिकाओं तक आसानी से पहुंच जाता है।

मजबूत हड्डियां

बढ़ती उम्र के साथ ही शरीर की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं जिससे जोड़ों में दर्द की समस्या हो जाती है। ऐसे में रोजाना कुछ देर नंगे पांव घास पर चलने से फायदा होता है ,साथ मे सूर्य की किरणें शरीर को विटामिन डी के साथ भी पोषण प्रदान करती हैं, इससे हड्डियों में कैल्शियम बढ़ता है जो उन्हें मजबूती प्रदान करता है।

पैरों से जुड़ी समस्याएं

जिन लोगों के पैरों में सूजन, छाले या जलन जैसी समस्या हो, उन्हें भी घास पर जरूर चलना चाहिए। नंगे पांव चलने से पैरों को आराम मिलता है और इनसे जुड़ी सभी समस्याएं दूर होती हैं।

ब्लड प्रैशर कंट्रोल

बदलते लाइफस्टाइल के कारण लोगों में हाई ब्लड प्रैशर की समस्या देखी जाती है। जिसके लिए वे कई तरह की दवाओं का सेवन करते हैं लेकिन कुछ देर घास पर नंगे पैर चलने से ब्लड प्रैशर कंट्रोल में रहता है।

आंखों के लिए फायदेमंद

सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलने से आंखों की रोशनी भी तेज होती हैं।
साइंस ऑफ रिफ्लेक्सोलॉजी के अनुसार, जब हम चलते हैं, तो हम अपने पैर की दूसरी और तीसरी उंगली पर अधिकतम दबाव डालते हैं। इन दोनों में अधिकतम तंत्रिका अंत (nerve endings) होता है, जो आपकी आंखों के कामकाज को उत्तेजित करता है।
जो लोग चश्मा लगाते है कुछ दिन नंगे पैर हरी घास पर चलने से उनका चश्मा उतर जाता है या चश्मे का नंबर कम हो जाता है।

अनिद्रा से राहत

उपरोक्त अध्ययन के अनुसार, यदि आप अच्छी नींद नहीं ले पा रही हैं, तो नींद की गोलियां लेने के बजाय पार्क में टहलने की कोशिश करें। आप अपने स्लीपिंग पैटर्न में पहले दिन से ही अंतर देख पाएंगी। लेकिन अनिद्रा को रोकने या अपने नींद के पैटर्न में सुधार करने के लिए, हर सुबह लगभग 30 मिनट तक घास पर नंगे पांव चलने की कोशिश करें।

तनाव होता है कम
आप जितनी देर और जितना अधिक हरियाली के बीच रहेंगे, उतने ही स्वस्थ और तनावरहित रहेंगे। हरियाली का प्रभाव हमें सुरक्षा का एहसास दिलाता है, जो धीरे-धीरे मांसपेशियों का खिंचाव कम करता है और तनावरहित बनाता है। ग्रीन थेरेपी से मस्तिष्क की शक्ति भी बढ़ती है।

दिन भर उर्जा का रहता है संचार

नंगे पैर चलने से शरीर में प्राकृतिक रूप से उर्जा बनी रहती है, और इससे शरीर के अंग अधिक सक्रिय, सुडौल व उपयोगी बनते हैं। इसके साथ ही आपका रक्तसंचार भी बेहतर होता है और दिन भर फुर्ती बनी रहती है।



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