ड्राई आई सिंड्रोम आंखों की सबसे बड़ी समस्या हाल के दिनों में बनकर सामने आयी है। कंप्यूटर, मोबाइल और टीवी जैसे डिजिटल माध्यमों से लगातार जुड़े रहने की वजह से लोगों में यह समस्या आम हो गयी है। ड्राई आई सिंड्रोम को सीधे शब्दों में कहें तो आंखों में नमी की कमी हो जाना है। आंखों में नमी की कमी हो जाने की वजह से कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। ड्राई आई सिंड्रोम की वजह से पढ़ने में समस्या और आंखों में जलन सबसे आम बात है। आइए जानते हैं ड्राई आई सिंड्रोम के बारें कुछ तथ्य।
ड्राई आई सिंड्रोम के लक्षण
आंख का लाल हो जाना
आंखों में थकान रहना अथवा हल्का-हल्का दर्द
पढ़ने में समस्या और धुंधलापन होना
रोशनी में आंख खुलने में दिक्कत
हवा से दिक्कत
आंखों में खुजली
मुख्य कारण
डिजिटल डिवाइसों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल
बहुत ज्यादा किताबें पढ़ना
ज्यादा सूखे माहौल में रहना या काम करना
लगातार कॉन्टैक्ट लेंस पहनना
कुछ दवाएं जैसे कि बर्थ कंट्रोल पिल्स, एलर्जी की दवाएं, बीटा ब्लॉकर, डाययूरेटिक्स
फैटी एसिड्स न हों
कैसे करें बचाव
कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी या टैबलट को देखते हुए हर 5 सेकंड में पलक झपकाएं।
आंखों में नमी बनाए रखने के लिए अच्छे ब्रैंड की लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स डालें।
आंखों को रगड़ें नहीं, इससे आंख को नुकसान हो सकता है।
अगर किसी दवा को खाने या डालने से परेशानी लग रही है तो उसके बारे में डॉक्टर से राय लें।
कॉन्टैक्ट लेंस साफ रखें और उन्हें हमेशा पहने न रखें।
कोशिश करें कि आंखों पर सीधी हवा न लगे।
हेल्दी खाना खाएं, ज्यादा साबुत अनाज, फल-सब्जियां और कम चीनी खाएं।
बहुत स्वीमिंग के दौरान चश्मा जरूर पहनें और कोशिश करें कि आंखों में पानी न जाए।
हो सके तो आंख में काजल न लगाएं।