मंत्री सारंग ने चिकित्सकीय प्रशिक्षण में शोध एवं अनुसंधान का मेडिकल कॉलेज का केन्द्र बनाये जाने तथा राष्ट्रीय एवं विश्व-स्तर की संस्थानों के साथ शोध के लिये कोलैबोरेशन करने की आवश्यकता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की स्थापना की जाये। साथ ही डर्मेटोलॉजी विभाग में पीजी कोर्स शुरू करने के निर्देश भी दिये।
मंत्री सारंग ने लोक निर्माण विभाग और पी.आई.यू. के कार्यों पर अप्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि लोक निर्माण विभाग अस्पताल का रख-रखाव ठीक ढ़ंग से करें। पी.आई.यू. समय-सीमा में दिये गये कार्यों को पूर्ण करे। उन्होंने प्रमुख सचिव लोक निर्माण को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
मंत्री सारंग ने कहा कि दवाओं के रख-रखाव एवं रिकार्ड संधारण की व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने कहा। उन्होंने गुणवत्तायुक्त केन्टीन की स्थापना को भी कहा। बताया गया कि छात्रों और स्टॉफ के लिये दो अच्छी क्वालिटी की केन्टीन शुरू करवाई जा चुकी है।
मंत्री सारंग ने सामग्री क्रय प्रभारी की लगातार शिकायत प्राप्त होने के कारण उसे तत्काल हटाने के और जाँच रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि ऑनलाइन बिल ट्रेकर मॉड्यूल के तहत महाविद्यालय में आने वाले सभी बिल की ट्रेकिंग ऑनलाइन की जाए। सारंग ने कहा कि परीक्षा कक्ष में जैमर लगवाये जाए।
बैठक में संभागायुक्त कविन्द्र कियावत, सचिव चिकित्सा शिक्षा श्रीमती अलका श्रीवास्तव, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा निशांत बरबड़े, संचालक डॉ. उल्का श्रीवास्त्व, डीन डॉ. जितेन्द्र शुक्ला, अधीक्षक डॉ. लोकेन्द्र दवे उपस्थित थे।