भोपाल - आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश अभियान के तहत बुधवार को बड़वानी में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन पर किसानों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने भी किसानों को आनलाईन वेबीनार के माध्यम से संबोधित किया। विभिन्न उद्यानिकी विशेषज्ञों ने वर्चुअल तरीके से उपस्थित किसानों को आय दोगुनी करने के लिए उन्नत तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों के प्रश्नो-जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यशाला में एक जिला-एक उत्पाद में चयनित अदरक उत्पादन के लिए किये जाने वाले प्रयासों एवं विभिन्न प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए मिलने वाले अनुदानों के बारे में विस्तार से बताया।
वेबिनार के माध्यम से इन लोगों ने किया संबोधित
बड़वानी के जलसा रिसोर्ट में आयोजित संगोष्ठी को वेबिनार के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री कुशवाह ने बताया कि राज्य शासन का प्रयास है कि किसानों की आय दोगुनी हो। इसके लिए एक जिला-एक उत्पाद में स्थानीय स्तर पर उत्पादित फसलों को बढ़ावा देने एवं उससे संबंधित प्रोसेस यूनिट स्थापित करने की योजना बनाई है। बड़वानी जिले के लिए अदरक का चयन किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन के द्वारा आयोजित वेबिनार कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि अदरक के क्षेत्र में बड़वानी जिला नये कीर्तिमान स्थापित करेगा।
वेबिनार में ग्लोबल फूड के सीईओ रामनाथ सूर्यवंशी ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शासन ने किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ बनाई हे। इन योजनाओं का लाभ लेते हुए किसान बंधु अपना एवं अपने क्षेत्र का विकास कर सकते है। किसानों को योजना का लाभ लेने में कोई दिक्कत हो तो संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन से निराकरण करवा सकते है।
योजनाओं में किसानों को दिये स्वीकृति पत्र
आयोजित कृषक संगोष्ठी में 15 किसानों को उद्यानिकी विभाग के द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के स्वीकृति पत्र वितरित किये। किसानों को प्याज भण्डारगृह, मिर्च फसल, ड्रिप सिंचाई, पैक हाउस और लो-एनर्जी कूल चैंबर योजना के स्वीकृति पत्र दिये गये।
लगाई गई प्रदर्शनी
संगोष्ठी स्थल पर ही किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी देने देश की अग्रणी कंपनियों के द्वारा अपने स्टाल लगाकर विभिन्न संयंत्र एवं जैविक खाद, दवाई, प्रदर्शित की गई। विभिन्न शासकीय विभागों ने भी अपने स्टाल के माध्यम से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।